Noida News: नोएडा और ग्रेटर नोएडा में यातायात नियमों का उल्लंघन कर बाइक चलाते नाबालिगों को पकड़े जाने के मामले में पिछले तीन दिनों में पैरेंट्स के खिलाफ 19 FIR दर्ज की गई है. पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार को 9 FIR दर्ज की गईं. इससे पहले गुरुवार और बुधवार को मोटर वाहन (एमवी) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत 5-5 एफआईआर दर्ज की गई.
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि प्राथमिकियां मुख्य रूप से बीएनएस धारा 125 (कोई भी व्यक्ति जो किसी कार्य को इतनी लापरवाही से करता है कि मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा हो) और मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 (पंजीकरण प्रमाण पत्र, परमिट आदि के बिना इस्तेमाल किए गए वाहनों को रोकने की शक्ति) समेत प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दर्ज की गई हैं.
पुलिस कमिश्नर (ट्रैफिक) अनिल कुमार यादव ने पीटीआई-भाषा को बताया कि शुक्रवार को 9 प्राथमिकी दर्ज की गईं. गुरुवार और बुधवार को पांच-पांच प्राथमिकी दर्ज की गईं. इस तरह तीन दिनों में ऐसे 19 मामले दर्ज किए गए, जिनमें नाबालिग ट्रैफिक रूल्स का उल्लंघन करते पाए गए.
गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट ने 9 जुलाई को नाबालिग बच्चों के वाहन चलाने के संबंध में पैरेंट्स को कड़ी चेतावनी जारी की. पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना, कम उम्र के वाहन चालकों के माता-पिता या अभिभावकों के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई, 12 महीने के लिए वाहन पंजीकरण रद्द करने तथा 25 वर्ष की आयु तक नाबालिग का लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी है.
अधिकारी ने बताया कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और देश के अन्य हिस्सों में नाबालिगों से जुड़ी कई घटनाओं के मद्देनजर पुलिस ने कहा कि ये कदम सड़क सुरक्षा और यातायात कानूनों का पालन सुनिश्चित करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है. डीसीपी अनिल कुमार यादव ने सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने की भी अपील की.
कानून के मुताबिक, अगर नाबालिग कार या बाइक चलाते पकड़े गए तो BNS यानी भारतीय न्याय संहिता की धारा-125 के तहत कार्रवाई होगी. इसके तहत, पकड़े गए नाबालिगों के पैरेंट्स को जेल की सजा हो सकती है. इसके अलावा, 25 हजार रुपये जुर्माना, एक साल के लिए गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द हो सकता है.