अब नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली, चमकी यूपी के इन शहरों की किस्मत; जानें जेवर एयरपोर्ट से कितनी है आपके शहर की दूरी

ग्रेटर नोएडा के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन होने जा रहा है. इससे यूपी के कई शहरों को बड़ी राहत मिलेगी. अब यात्रियों को दिल्ली एयरपोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और समय के साथ खर्च भी बचेगा.

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Babli Rautela

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब देश के सबसे आधुनिक एयरपोर्ट्स में शामिल होने जा रहा है. ग्रेटर नोएडा के जेवर में बने इस एयरपोर्ट का पहला चरण पूरा हो चुका है और इसका उद्घाटन नरेंद्र मोदी करने वाले हैं. यह एयरपोर्ट सिर्फ दिल्ली के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकता है. अब तक इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर निर्भर रहने वाले यूपी के कई शहरों को बड़ी राहत मिलने वाली है.

नीचे दिए गए शहरों के लिए जेवर एयरपोर्ट की दूरी इस तरह है

  • आगरा लगभग 140 किलोमीटर
  •  मथुरा लगभग 92 किलोमीटर
  •  बुलंदशहर लगभग 53 किलोमीटर
  •  खुर्जा लगभग 37 किलोमीटर
  •  गाजियाबाद लगभग 74 किलोमीटर
  •  नोएडा लगभग 58 किलोमीटर
  •  ग्रेटर नोएडा लगभग 44 किलोमीटर
  •  मेरठ लगभग 120 किलोमीटर
  •  हापुड़ लगभग 90 किलोमीटर

पैसे और समय दोनों की होगी बचत

अब तक इन जिलों के यात्रियों को फ्लाइट पकड़ने के लिए दिल्ली जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी. जेवर एयरपोर्ट शुरू होने के बाद लोग अपने नजदीकी एयरपोर्ट से ही उड़ान भर सकेंगे. इससे यात्रा आसान होगी और खर्च भी कम होगा. साथ ही दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होने की उम्मीद है. पहले चरण में इस एयरपोर्ट से करीब 12 प्रमुख शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने की तैयारी है. उद्घाटन के बाद जल्द ही फ्लाइट शेड्यूल जारी किया जाएगा. आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, जिससे यह एयरपोर्ट एक बड़ा इंटरनेशनल हब बन सकता है.

5 रनवे वाला अनोखा एयरपोर्ट

भविष्य में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का इकलौता ऐसा एयरपोर्ट बनने जा रहा है, जहां 5 रनवे होंगे. यह इसे भारत के सबसे बड़े और व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल कर सकता है. इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी. पर्यटन, व्यापार और निवेश के नए मौके पैदा होंगे. आगरा और मथुरा जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से विदेशी और घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है.