Mumbai Rains Alert: भारी बारिश के बीच मुंबई में स्कूल-कॉलेज बंद, IMD ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच मौसम विभाग ने सोमवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. भारी वर्षा और जलभराव की आशंका को देखते हुए बीएमसी ने सभी स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया है.

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Kuldeep Sharma

मुंबई और आसपास के इलाकों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई है. खराब मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का निर्णय लिया है.

भारी बारिश को लेकर बढ़ी सतर्कता

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी सहित कई जिलों में सोमवार को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. पूर्वानुमान में गरज के साथ बिजली चमकने और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है. लगातार सक्रिय मानसून के कारण पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में मौसम की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की अपील की है.

स्कूल-कॉलेजों में अवकाश, दफ्तर रहेंगे खुले

संभावित खराब मौसम को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने सोमवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी है. हालांकि सरकारी और निजी कार्यालय सामान्य रूप से संचालित होंगे. पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है. प्रशासन ने अभिभावकों से भी मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने का आग्रह किया है. सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी बारिश का असर पड़ने की आशंका बनी हुई है.


बाढ़ और जलभराव का खतरा बरकरार

मौसम विभाग ने मुंबई शहर और उपनगरों समेत ठाणे, पालघर, रायगढ़ और रत्नागिरी में अगले 24 घंटों के दौरान फ्लैश फ्लड का मध्यम से उच्च जोखिम बताया है. लगातार बारिश के कारण जमीन पहले से संतृप्त है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने की संभावना बढ़ गई है. जलभराव, स्थानीय बाढ़, ट्रैफिक जाम और दृश्यता में कमी जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में बने दबाव क्षेत्र और पश्चिमी तट पर सक्रिय अपतटीय ट्रफ के कारण महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में वर्षा की गतिविधियां तेज हुई हैं. यही प्रणाली आने वाले दिनों में भी बारिश को बनाए रख सकती है.