मथुरा के छाता तहसील परिसर में नमाज पढ़ने का मामला आया सामने, व्यक्ति ने मानी गलती
मथुरा के छाता तहसील परिसर में एक व्यक्ति द्वारा खुले स्थान पर नमाज पढ़ने के बाद विवाद खड़ा हो गया. अधिवक्ताओं और स्थानीय लोगों ने सरकारी परिसर में धार्मिक गतिविधि पर आपत्ति जताई.
मथुरा: मथुरा के छाता तहसील परिसर में बुधवार को एक व्यक्ति द्वारा खुले स्थान पर नमाज अदा किए जाने का मामला सामने आया है. तहसील सभागार के सामने हुई इस घटना से वहां मौजूद लोगों और अधिवक्ताओं में नाराजगी देखी गई.
जानकारी के अनुसार दोपहर के समय तहसील परिसर में आम दिनों की तरह कामकाज चल रहा था. इसी दौरान मुस्लिम समाज का एक व्यक्ति सभागार के पास जमीन पर सफेद कपड़ा बिछाकर नमाज पढ़ने लगा. यह दृश्य देखकर आसपास मौजूद लोग कुछ देर के लिए हैरान रह गए.
अधिवक्ताओं और अन्य लोगों का क्या है कहना?
घटना पर आपत्ति जताते हुए अधिवक्ताओं और अन्य लोगों का कहना है कि तहसील जैसे संवेदनशील सरकारी परिसर में इस प्रकार की धार्मिक गतिविधियां करना उचित नहीं है. उनका मानना है कि ऐसे स्थानों पर सभी धर्मों के लोग अपने कार्यों के लिए आते हैं, इसलिए यहां किसी भी तरह का सार्वजनिक धार्मिक प्रदर्शन नियमों के खिलाफ है.
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लोगों ने क्या लगाया आरोप?
लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियां न केवल आवागमन में बाधा उत्पन्न करती हैं, बल्कि सरकारी व्यवस्था की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करती हैं. उनका कहना है कि यदि हर व्यक्ति अपने धर्म के अनुसार सरकारी परिसरों का उपयोग करने लगे, तो व्यवस्था प्रभावित हो सकती है. इस घटना सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भी हलचल मच गई है.
नमाज पढ़ने वाले व्यक्ति ने क्या कहा?
वहीं, नमाज पढ़ने वाले व्यक्ति ने अपनी सफाई में कहा कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि ऐसा करना नियमों के विरुद्ध है. उसने इसे अपनी गलती मानते हुए बताया कि वह तहसील में रजिस्ट्री कराने आया था.