लखनऊ में 8 लाख लोगों के लिए बनेगा नया आशियाना, 4500 एकड़ जमीन जुटाने की प्रक्रिया तेज
लखनऊ के मोहनलालगंज में दो आवासीय योजनाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज हो गई है. लैंड पूलिंग से 4500 एकड़ जमीन जुटाई जाएगी, जहां करीब दो लाख घरों में आठ लाख लोग रह सकेंगे.
लखनऊ: मोहनलालगंज में लंबे इंतजार के बाद आवासीय विकास की बड़ी योजना आगे बढ़ती दिख रही है. उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद किसानों की सहमति से लैंड पूलिंग के जरिए करीब 4500 एकड़ जमीन जुटाने की तैयारी में है. दो योजनाओं में लगभग दो लाख घर बनाए जाने का प्रस्ताव है. इनके पूरा होने पर आठ लाख से अधिक लोगों को आवास मिल सकेगा. नियोजन समिति की बैठक हो चुकी है और किसानों से बातचीत के बाद अब जमीन की दर तय करने की प्रक्रिया चल रही है.
मोहनलालगंज क्षेत्र में भूमि विकास एवं गृहस्थान योजना को लेकर करीब दो साल से चल रही प्रक्रिया अब आगे बढ़ रही है. दो से नौ अगस्त तक किसानों के साथ चर्चा की गई. अब लैंड पूलिंग की दरें निर्धारित कर आपसी सहमति से जमीन लेने की तैयारी है. परिषद का कहना है कि किसानों की सहमति को प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी.
4500 एकड़ जमीन से बनेगा नया आवासीय क्षेत्र
उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद मोहनलालगंज की योजना संख्या एक और योजना संख्या तीन को विकसित करेगा. दोनों योजनाओं के लिए करीब 4500 एकड़ भूमि जुटाने का लक्ष्य है. अधिकारियों के अनुसार, जमीन का मूल्य निर्धारित कराने की प्रक्रिया चल रही है. इसके बाद लैंड पूलिंग नियमों के तहत किसानों से सहमति लेकर जमीन लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.
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दो लाख घर, आठ लाख लोगों को मिलेगा आशियाना
दोनों योजनाओं को एक साथ विकसित करने की तैयारी है. प्रस्ताव के मुताबिक यहां करीब दो लाख घर बनाए जा सकेंगे, जिनमें आठ लाख से अधिक लोग रह सकेंगे. योजना में चार लेन की सड़कें और छह लेन का मुख्य मार्ग प्रस्तावित है. यातायात जरूरत के अनुसार फ्लाईओवर और अंडरपास भी बनाए जाएंगे. इन सुविधाओं पर करीब 25 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है.
2023 और 2024 में मिली थी मंजूरी
योजना संख्या एक को 18 अक्टूबर 2023 को आवास एवं विकास परिषद की बोर्ड बैठक में मंजूरी मिली थी. यह क्षेत्र पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और सुलतानपुर रोड से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गोसाईगंज के पास प्रस्तावित है. इसके बाद 18 जनवरी 2024 को बोर्ड ने मोहनलालगंज योजना संख्या तीन को भी स्वीकृति दी. अब दोनों योजनाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज की जा रही है.
इन गांवों की जमीन होगी शामिल
योजना संख्या एक में चांद सराय, कासिमपुर, बिरूहा, हबुआपुर, मोअज्जम नगर, सठवारा, सिद्धपुरा, भटवारा, पहाड़ नगर टिकरिया, कबीरपुर, मगहुआ और बेली गांव की जमीन चिन्हित है. योजना संख्या तीन में देहरामऊ, पहासा, बेली, शिथौलीकला, शिवलर और हबुअबापुर गांवों की भूमि प्रस्तावित है. परिषद के मुताबिक, किसानों की सहमति और जमीन के मूल्य निर्धारण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.