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कुत्तों के झुंड ने किसान को घेरा और फिर... मेरठ के गांव में दर्दनाक मौत से ग्रामीणों में गुस्सा

मेरठ के किठौली गांव में खेत पर काम करने गए 60 वर्षीय किसान लख्मी सैनी की आवारा कुत्तों के हमले में मौत हो गई. घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
कुत्तों के झुंड ने किसान को घेरा और फिर... मेरठ के गांव में दर्दनाक मौत से ग्रामीणों में गुस्सा
Courtesy: AI

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक का भयावह मामला सामने आया है. जानीखुर्द क्षेत्र के किठौली गांव में खेत पर गए 60 वर्षीय किसान लख्मी सैनी पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया. काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उनका 12 वर्षीय पोता उन्हें तलाशने खेत पहुंचा, जहां किसान खून से लथपथ हालत में पड़े मिले. आसपास कई कुत्ते मौजूद थे. परिवार और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी.

खेत में मिला खून से लथपथ शव

लख्मी सैनी मंगलवार सुबह गन्ना बांधने के लिए खेत गए थे. दोपहर तक घर नहीं लौटे तो परिवार को चिंता हुई. उनका 12 वर्षीय पोता ईशांत उन्हें खोजने खेत पहुंचा. वहां उसने दादा को नाली में घायल और अचेत देखा. आसपास खून से सने कुत्तों का झुंड मौजूद था. घबराया बच्चा गांव लौटा और परिजनों को जानकारी दी. ग्रामीणों के पहुंचने तक किसान की मौत हो चुकी थी.

पुलिस पहुंची, वन विभाग को दी सूचना

घटना की सूचना मिलते ही जानीखुर्द थाना प्रभारी गौरव बिश्नोई पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे. पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और वन विभाग को भी जानकारी दी. ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना के बावजूद वन विभाग के अधिकारी काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंचे. इससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. इलाके में पहले से आवारा कुत्तों को लेकर चिंता बनी हुई थी.

ग्रामीणों ने शव उठाने से किया इनकार

किसान की मौत के बाद ग्रामीणों ने मौके पर हंगामा शुरू कर दिया. लोगों ने शव उठाने से रोकते हुए प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की. ग्रामीणों ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई और आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए तत्काल अभियान चलाने की मांग रखी. अधिकारियों ने मांगें वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने और अभियान शुरू कराने का भरोसा दिया.

आश्वासन के बाद शांत हुआ विरोध

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया और कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद लोगों का विरोध शांत हुआ. पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. घटना के बाद किठौली और आसपास के गांवों में लोगों के बीच डर का माहौल है. ग्रामीण आवारा कुत्तों से सुरक्षा के लिए तत्काल कदम चाहते हैं.

पहले भी हो चुकी हैं मौतें

ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में कुत्तों के हमले की यह पहली जानलेवा घटना नहीं है. इससे पहले सिसौला गांव में एक महिला और किठौली में तीन साल के बच्चे की मौत भी ऐसे हमले में होने की बात सामने आई थी. लगातार घटनाओं के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है. अब किसान की मौत ने प्रशासन के सामने आवारा कुत्तों से निपटने की चुनौती और गंभीर कर दी है.