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ब्रज में बैन होगा मांस-मदिरा? प्रेमानंद महाराज ने सीएम योगी से कर दी ये बड़ी मांग

संत प्रेमानंद महाराज ने ब्रजक्षेत्र को मांस और मदिरा मुक्त बनाने की मांग उठाई है. उन्होंने योगी सरकार से अपील करते हुए कहा कि कृष्ण की लीलाभूमि की पवित्रता बनाए रखने के लिए सख्त कदम जरूरी हैं.

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Ashutosh Rai

ब्रजभूमि की धार्मिक पहचान और उसकी पवित्रता को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है. वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज ने योगी सरकार से मांग की है. उन्होंन कहा कि मथुरा, वृंदावन समेत पूरे ब्रजक्षेत्र में मांस और मदिरा की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए. उनका कहना है कि यह क्षेत्र भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की लीलास्थली है, इसलिए यहां की संस्कृति और आध्यात्मिक वातावरण को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है.

प्रेमानंद महाराज की भावुक अपील

वृंदावन स्थित श्रीराधा केलिकुंज में आयोजित सत्संग के दौरान प्रेमानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए ब्रजक्षेत्र की पवित्रता का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर भगवान कृष्ण ने अपनी बाल लीलाएं और रास रचाया, वहां मांस और मदिरा की बिक्री होना आस्था को ठेस पहुंचाने जैसा है. महाराज ने कहा कि सरकार को इस दिशा में ठोस निर्णय लेना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी ब्रज की आध्यात्मिक पहचान को उसी रूप में महसूस कर सकें. उनके इस बयान का वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है. बड़ी संख्या में लोग उनकी मांग का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं.

ब्रजक्षेत्र को लेकर पहले भी उठ चुकी है मांग

यह पहला मौका नहीं है जब ब्रजभूमि को मांस और मदिरा मुक्त बनाने की आवाज उठी हो. इससे पहले भी कई संत और धार्मिक संगठन इस मुद्दे को सामने ला चुके हैं. पिछले वर्ष बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने दिल्ली से मथुरा तक पदयात्रा निकालते हुए इस मांग को जोरदार तरीके से उठाया था. उन्होंने कहा था कि प्रेमानंद महाराज की रात्रिकालीन पदयात्रा वाले मार्गों पर शराब की दुकानें होना उचित नहीं है.

विवाद और कार्रवाई भी बनी चर्चा

बागेश्वर महाराज की अपील के बाद कुछ युवकों ने मथुरा में शराब की दुकानों को बंद कराने की कोशिश की थी. इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया था.

सरकार पर बढ़ेगा दबाव

धार्मिक संतों की लगातार उठ रही मांगों के बाद अब निगाहें उत्तर प्रदेश सरकार पर टिक गई हैं. ब्रजक्षेत्र देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है. ऐसे में कई संगठन चाहते हैं कि यहां की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए विशेष नियम बनाए जाएं.