Mayawati Vacates Residence: सुरक्षा कारणों से मायावती ने खाली किया लोधी एस्टेट बंगला, बसपा ने जताई चिंता
Mayawati Vacates Residence: 35, लोदी एस्टेट स्थित यह आवास पार्टी के केंद्रीय कार्यालय के ठीक पीछे की गली में स्थित था, जो एक आदर्श स्थान था. यह आवासीय क्षेत्र अपनी अच्छी स्थिति और सुविधाओं के लिए जाना जाता था.
Mayawati Vacates Residence: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने हाल ही में लोधी एस्टेट स्थित अपना सरकारी आवास खाली कर दिया है. उन्हें यह बंगला राष्ट्रीय पार्टी की प्रमुख के रूप में आवंटित किया गया था. सूत्रों के अनुसार, मायावती ने 20 मई को यह बंगला छोड़ दिया और इसकी चाबियां केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को सौंप दीं.
35, लोधी एस्टेट स्थित यह बंगला बसपा के केंद्रीय कार्यालय (29, लोधी एस्टेट) के ठीक पीछे स्थित था. दोनों ही बंगले पिछले साल एक जैसी डिज़ाइन में नवीनीकृत किए गए थे. इस घर में मायावती के साथ उनके सुरक्षा कर्मी और स्टाफ भी रहते थे.
सुरक्षा को लेकर फिर उठी चिंता
बसपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, 'बेहनजी ने सुरक्षा कारणों से यह बंगला छोड़ा है. बंगले के पास एक स्कूल स्थित है, जिससे सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही रहती है. इससे सुरक्षा बलों को कठिनाई होती थी.'
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वहीं, दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि उन्हें बंगले के बाहर किसी सुरक्षा समस्या की जानकारी नहीं है, लेकिन ज़ेड-प्लस सुरक्षा देने वाली यूनिट को मायावती के नए निवास स्थान की जानकारी दे दी गई है.
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खतरे में
इस घटनाक्रम की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि बसपा का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हालिया लोकसभा चुनावों में खराब प्रदर्शन के बाद खतरे में है. 2014 की नीति के तहत 35, लोधी एस्टेट स्थित बंगला मायावती को फरवरी 2024 में आवंटित किया गया था.
पहले भी हटवाया था बस स्टॉप
गौरतलब है कि 2014 में मायावती के पुराने आवास के बाहर स्थित बस स्टॉप को भी हटवा दिया गया था. तब यह दावा किया गया था कि बस स्टॉप उनकी सुरक्षा के लिए खतरा है. मायावती ने उस समय दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर यह मांग की थी.
अब सूनसान पड़ा है बंगला
जब 24 मई को ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की टीम ने बंगले का दौरा किया तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था. ज़मीन पर धूल और मलबा फैला हुआ था. गेट पर केवल एक CPWD गार्ड तैनात था और सुरक्षा कर्मियों के लिए लगाए गए टेंट भी हटा दिए गए थे.