गाजियाबाद: गाजियाबाद पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक सक्रिय जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत अब तक 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि दो संदिग्ध अभी फरार हैं. यह नेटवर्क दिल्ली, सोनीपत समेत कई संवेदनशील सुरक्षा प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर लाइव फीड पाकिस्तान भेजने की साजिश रच रहा था.
इस जासूसी नेटवर्क का संचालन सुहैल मलिक उर्फ रोमियो, नौशाद अली और समीर उर्फ शूटर कर रहे थे. सुहैल मलिक को मास्टरमाइंड माना जा रहा है. साने इरम उर्फ महक नामक महिला भी इस नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रही थी. पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और नेपाल तक फैला हुआ था.
आरोपियों ने दिल्ली कैंट और सोनीपत रेलवे स्टेशन समेत कई सुरक्षा ठिकानों पर सोलर पावर्ड सीसीटीवी कैमरे लगाकर उनकी लाइव फीड पाकिस्तान भेजने की योजना बनाई थी. इन कैमरों के जरिए सेना की मूवमेंट, हथियार और अन्य गोपनीय जानकारियां विदेश भेजी जानी थीं. पुलिस ने कई जगहों से ऐसे कैमरे बरामद कर लिए हैं.
14 मार्च को कौशांबी थाना क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर पांच युवक और एक महिला गिरफ्तार हुए थे. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआइटी (विशेष जांच दल) गठित की गई. 20 मार्च को एसआइटी ने 9 और आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें पांच नाबालिग शामिल हैं. इनके पास से कई आपत्तिजनक वीडियो और लोकेशन मिली हैं.
आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के निर्देश पर 500 से 5000 रुपये लेकर ओटीपी विदेश भेजते थे. सिम हासिल करने के लिए स्नैचिंग और प्री-एक्टिवेटेड सिम खरीदने जैसे तरीके अपनाए गए. पैसों का लेन-देन यूपीआई से किया जाता था, लेकिन सीधे खाते में पैसे न लेकर दुकानों के जरिए नकद निकाला जाता था. पुलिस फरार नौशाद और समीर की तलाश कर रही है.