गलन वाली ठंड में महास्नान, मकर संक्रांति 2026 पर प्रयागराज से हरिद्वार तक डुबकी लगाने पहुंचे लोग
मकर संक्रांति 2026 के अवसर पर देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है. प्रयागराज के संगम में बुधवार को 85 लाख लोगों ने पवित्र स्नान किया.
नई दिल्ली: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर पूरे देश में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है. ठंड की परवाह किए बिना लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य अर्जित करने के लिए तीर्थ स्थलों पर पहुंच रहे हैं. प्रयागराज, हरिद्वार और गंगासागर जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा हुआ है.
माघ मेला 2026 के तहत प्रयागराज के संगम तट पर विशेष स्नान का आयोजन किया गया है. प्रशासन के अनुसार, बुधवार शाम तक 85 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके थे. गुरुवार को मुख्य स्नान पर्व के दिन यह संख्या 1.5 करोड़ तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है.
संगम तट पर श्रद्धालुओं का ऐतिहासिक जमावड़ा
प्रयागराज के संगम तट पर गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के मिलन स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है. बुधवार आधी रात से ही स्नान का सिलसिला शुरू हो गया था. सुबह होते-होते घाटों पर पैर रखने की जगह नहीं बची. श्रद्धालुओं का कहना है कि संगम में स्नान कर उन्हें आध्यात्मिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव हो रहा है.
माघ मेला 2026 में श्रद्धालुओं को मिल रही बेहतर सुविधाएं
माघ मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, पेयजल और यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है. श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी शौचालय, विश्राम स्थल और सूचना केंद्र बनाए गए हैं. प्रशासन का दावा है कि इस बार सुविधाओं को पहले से अधिक बेहतर बनाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो.
97 साल पुरानी खिचड़ी भंडारा परंपरा भी निभाई गई
हिमाचल प्रदेश के तत्तापानी में सतलुज नदी के किनारे दुर्गा देवी बिहारी लाल बिरोचन लाल चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 97 साल पुरानी खिचड़ी भंडारा परंपरा निभाई गई. यहां करीब 3,000 श्रद्धालुओं को घी वाली खिचड़ी परोसी गई. साथ ही एक मुफ्त आयुर्वेद स्वास्थ्य शिविर में 100 मरीजों की जांच कर दवाइयां दी गईं.