लखनऊ: उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 31 शिक्षकों को किया सम्मानित, कहा- शिक्षक हैं राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति
उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित 'शिक्षक शौर्य दिवस' समारोह में 31 शिक्षकों को सम्मानित किया. उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के चरित्र, संस्कार और जीवन मूल्यों का निर्माण भी करते हैं.
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित 'शिक्षक शौर्य दिवस' समारोह में 31 शिक्षकों को सम्मानित किया. उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि शिक्षक सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि बच्चों के चरित्र, संस्कार और जीवन मूल्यों का निर्माण भी करते हैं.
ब्रजेश पाठक ने 31 शिक्षकों को किया सम्मानित
स्ववित्तपोषित विद्यालय प्रबंधक एसोसिएशन द्वारा सहकारिता भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में ब्रजेश पाठक ने शिक्षकों की भूमिका को बहुत महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज का मार्गदर्शक होते हैं. वे विद्यार्थियों को न सिर्फ पढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें अच्छा इंसान और जिम्मेदार नागरिक भी बनाते हैं.
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष तथा भाजपा महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने की. उन्होंने बताया कि यह समारोह रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जन्मदिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित किया गया. राजनाथ सिंह ने अपने जीवन की शुरुआत एक भौतिक विज्ञान के शिक्षक के रूप में की थी. उनका शिक्षक से देश के रक्षा मंत्री तक का सफर सभी के लिए प्रेरणादायक है.
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1100 शिक्षकों को सम्मान
एसोसिएशन की ओर से कुल 1100 शिक्षकों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया. समारोह में 31 उत्कृष्ट शिक्षकों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया. उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इन शिक्षकों को शॉल, प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया.
हर साल 10 जुलाई को मनाया जाएगा 'शिक्षक शौर्य दिवस'
कार्यक्रम में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब हर वर्ष 10 जुलाई को 'शिक्षक शौर्य दिवस' के रूप में मनाया जाएगा. एसोसिएशन ने उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को ज्ञापन सौंपकर इस दिन को सरकारी रूप से मान्यता देने और शासनादेश जारी करने की मांग की है.