लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी यूपी एसआईआर अभियान के तहत वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. अब मतदाता सूची में नया नाम दर्ज कराने के लिए केवल फॉर्म 6 भरना ही नहीं बल्कि उसके साथ घोषणा पत्र देना भी अनिवार्य कर दिया गया है.
इस नए नियम का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना बताया जा रहा है. घोषणा पत्र में आवेदक को वर्ष 2003 की मतदाता सूची से अपना या फिर माता पिता अथवा दादा दादी में से किसी एक का विवरण देना होगा.
इस विवरण में संबंधित विधानसभा क्षेत्र, भाग संख्या और क्रम संख्या शामिल करना जरूरी होगा. यदि दिया गया विवरण उपलब्ध रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है या गलत पाया जाता है तो आवेदक को नोटिस जारी किया जाएगा. जन्म तिथि और जन्म स्थान के प्रमाण के लिए कुल 13 निर्धारित दस्तावेजों में से किसी एक की मांग की जाएगी.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी दी कि फॉर्म 6 में आवेदक को अपना नाम, पूरा और सही पता, शुद्ध वर्तनी, स्पष्ट नवीनतम फोटो और मोबाइल नंबर अनिवार्य रूप से भरना होगा. आयु प्रमाण के रूप में जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, हाईस्कूल प्रमाण पत्र या पासपोर्ट में से कोई एक दस्तावेज देना होगा.
यदि 18 से 21 वर्ष आयु वर्ग के आवेदक के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं है तो उसे माता पिता के हस्ताक्षरयुक्त शपथ पत्र के साथ संबंधित अधिकारी के सामने उपस्थित होना होगा. 21 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदक केवल अपना घोषणा पत्र जमा कर सकते हैं.
निवास प्रमाण के लिए पानी, बिजली या गैस बिल, आधार कार्ड, बैंक या डाकघर की पासबुक, पासपोर्ट, भूमि स्वामित्व अभिलेख, किराया समझौता या विक्रय विलेख को मान्य किया गया है. यदि कोई भी निवास प्रमाण उपलब्ध नहीं है तो ऐसे मामलों में स्थलीय सत्यापन कराया जाएगा.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि पात्र नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के पोर्टल voter.eci.gov.in पर ऑनलाइन फॉर्म 6 और घोषणा पत्र भर सकते हैं. इसके अलावा ऑफलाइन आवेदन भी संबंधित बीएलओ या निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पास जमा किया जा सकता है. प्रशासन का कहना है कि सही जानकारी देने से ही मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाया जा सकेगा.