धार्मिक नगरी अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. एक तरफ जहां विशेष जांच टीम (SIT) इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें खोलने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय वकीलों के गुस्से और प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी ने मामले को बेहद गर्मा दिया है.
अयोध्या के करीब 500 से अधिक वकील इस बड़ी चोरी के खिलाफ सड़कों पर उतर आए. उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए सिविल लाइन चौकी का घेराव किया. वकीलों ने पुलिस को तहरीर सौंपकर इन तीनों पदाधिकारियों समेत कुल चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.
इस बीच मामले की पड़ताल के लिए गठित की गई एसआईटी 12वें दिन दोबारा राम मंदिर परिसर पहुंची. पुलिस टीम ने भी सुबह मंदिर का दौरा किया और करीब दो घंटे तक उस विशेष कमरे की बारीकी से जांच की जहां श्रद्धालुओं के चढ़ावे के नोटों की गिनती की जाती थी. इसके साथ ही, एक आरोपी के भाई का नोटों की गड्डियां लहराते हुए वीडियो भी सामने आया है.
प्रशासन ने अब इस घपले के आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने के साथ-साथ उनके अवैध निर्माणों को ढहाने की तैयारी कर ली है. अयोध्या विकास प्राधिकरण ने नोट गिनने वाले आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के बिना नक्शे वाले मकानों की पहचान की है. प्राधिकरण ने लवकुश की पत्नी को नोटिस थमा दिया है और जल्द ही वहां बुलडोजर चल सकता है.
चोरी के इस सनसनीखेज खुलासे के बाद राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के भीतर भी आपसी कलह खुलकर सामने आ गई है. ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास ने पूर्व पदाधिकारी गोपाल राव को सीधे तौर पर इस पूरी गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार ठहराया है. बता दें कि 7 जून को शुरू हुए इस विवाद के बाद चंपत राय और अनिल मिश्रा पहले ही अपने पदों से इस्तीफा दे चुके हैं.