कौशांबी पटाखा फैक्ट्री कांड: भाग रहा था मुख्य आरोपी नौशाद, पुलिस एनकाउंटर में लगी गोली; अस्पताल में भर्ती
कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट मामले के मुख्य आरोपी नौशाद अली को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. आरोपी चरवा इलाके से भागने की कोशिश कर रहा है. घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की.
कौशांबी: उत्तर प्रदेश के कौशांबी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद फरार चल रहे मुख्य आरोपी तक पुलिस पहुंच गई है. पुलिस के मुताबिक, नौशाद अली को मंगलवार सुबह मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया. कार्रवाई के दौरान उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया. इस घटना ने एक बार फिर उस हादसे की भयावहता को सामने ला दिया है, जिसमें कई परिवारों ने अपनों को खो दिया था.
टीम ने घेराबंदी की
मामला पिपरी थाना क्षेत्र के महमतपुर मनौरी गांव का है. यहां 31 अगस्त को पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हुआ और देखते ही देखते आग फैल गई. हादसे में 11 लोगों की जान चली गई. घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की थीं. लगातार तलाश के बीच मंगलवार तड़के पुलिस को नौशाद के इलाके में होने की सूचना मिली, जिसके बाद टीम ने घेराबंदी की.
तड़के मिली सूचना और शुरू हुई घेराबंदी
पुलिस के अनुसार, 1 सितंबर की सुबह करीब चार बजे एक मुखबिर से अहम जानकारी मिली. बताया गया कि पटाखा फैक्ट्री विस्फोट का मुख्य आरोपी चरवा थाना क्षेत्र में 13 मील सराय अकिल मार्ग से निकलने की कोशिश कर रहा है. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी. पुलिस का दावा है कि आरोपी को चारों तरफ से घिरा देखकर उसने बचने के लिए फायरिंग शुरू कर दी.
Also Read
जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली
पुलिस के मुताबिक, नौशाद ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से गोली चलाई. इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. इसी दौरान आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा. पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में लिया. घायल आरोपी की पहचान नौशाद, पिता निजामुद्दीन, निवासी महमतपुर मनौरी के रूप में बताई गई है. इसके बाद उसे प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल मंझनपुर भेजा गया.
31 अगस्त के धमाके ने मचा दी थी तबाही
पूरा मामला महमतपुर मनौरी गांव की उस पटाखा फैक्ट्री से जुड़ा है, जहां 31 अगस्त को अचानक विस्फोट हुआ था. धमाका इतना जोरदार था कि इलाके में अफरा तफरी मच गई और फैक्ट्री में आग लग गई. इस हादसे में 11 लोगों की मौत हुई. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मामले में तेजी से कार्रवाई शुरू की और मुख्य आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग अलग टीमें मैदान में उतारीं.
चार टीमें लगातार जुटी थीं तलाश में
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चार अलग अलग टीमें बनाई गई थीं. इन टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देने के साथ आरोपियों की तलाश शुरू की. इसी अभियान के दौरान नौशाद के भागने की सूचना पुलिस तक पहुंची. इसके बाद टीम ने बिना देर किए कार्रवाई की. पुलिस की इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस के साथ एसओजी यानी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम भी शामिल रही.