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कानपुर: 72 घंटे 65 लाशें, पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बिखरे शव, क्या कोरोना से बड़ी महामारी बना हीट वेव?

कानपुर की सड़कों से कई लाशें मिली हैं. इतने शव एक साथ मिलने से पोस्टमार्टम हाउस में उन्हें रखने के लिए जगह नहीं बचे हैं. इतने लोग एक साथ कैसे मरे इसके बारे में कोई सटीक जानकारी नहीं है, लेकिन इसे हीटवेव का कहर बताया जा रहा है.

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India Daily Live

पूरे उत्तर भारत में गर्मी का सितम जारी है. यूपी में हीटवेव ने कई लोगों की जान ले ली. कानपुर की सड़कों पर मजदूर लू से मर रहे हैं.  पिछले 72 घंटों में कई शव सड़कों पर मिले हैं. मरने की वजह क्या है ये अभी साफ नहीं है, लेकिन इतनी लाशें मिलने से सलाव खड़े हो रहे हैं. शहर के अलग अलग थाना क्षेत्रों में मिल रहे लावारिस शवों ने पुलिस को एक नए काम में उलझा दिया है. पुलिस शवों की पहचान कराने में लगी है.  

और अब पुलिस सिर्फ इन बड़ी संख्या में मिले शवों की शिनाख्त में लग गई है. हालांकि अभी तक 65 शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंच चुके हैं. सभी शवों का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. इतने शव आने से पोस्टमार्टम में देरी हो रही है. अस्पताल में कर्मचारियों की कमी है. लावारिस लाशों का भार पोस्टमार्टम पर अतिरिक्त पड़ रहा है. दुर्घटना में मारे गए लोगों का शव उनके परिजन ले गए. लाविरस लाशों को 72 घंटों तक रखने के नियम हैं. 

लाशों को रखने का सही इंतजाम नहीं

कानपुर के अस्पताल में पड़े लाशों को रखने का कोई इंतजाम नहीं है. एक फ्रीजर है उसमें सिर्फ 4 शव ही रखा जा सकता है. ऐसे में शव खराब होने की संभावना है.  गर्मी और भीषण गर्मी का सितम इन शवों को खराब कर रहा है, जिसकी वजह से पूरा पोस्टमार्टम हाउस दुर्गन्ध से भरा है. 

सीएमओ ने क्या कहा?

इसने शव मिलने के बाद सीएमओ ने इसपर अपना बयान जारी किया है.  आलोक रंजन और  एडीएम खुद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे. उन्होंने बताया कि इस समय पोस्टमार्टम में पिछले 72 घंटों में 19 शवों के पोस्टमार्टम कराया जा चुका है और 14 शवों का आज पोस्टमार्टम कराया जाएगा. सीएमओ ने बताया कि शवों को रखने के लिए अतिरिक्त कमरे की तलाश की जा रही है, जहां बढ़ रहे शवों को रखा जाय और एसी की भी व्यवस्था कराई जाएगी. 

घाटों पर अंतिम संस्कारों की संख्या बढ़ी

कानपुर  में इस बार कोरोना जैसा माहौल देखने को मिल रहा है मई के महीने में तापमान और लू के चलते हुए पिछले चार  दिनों के अंदर प्रमुख घाटों पर अंतिम संस्कारों की संख्या दो गुना से ज़्यादा बढ़ गई है जहां हर वर्ष मई माह के अंतिम सप्ताह में लेकर जून के पहले सप्ताह के  बीच में प्रतिदिन औसतन जहां शव अंतिम संस्कार 150 हुआ करते थे वही अब यह संख्या तीन सप्ताह तक पहुंच चुकी है शनिवार को ही 311 शव का अंतिम संस्कार हुआ जिसमें क़ब्रिस्तान में भी दफ़ना गए शव भी शामिल हैं जबकि 27 मई तक छह सात शव आते थे अब यह संख्या रोज़ाना 14 से 18 के बीच हो गई है वही भैरव घाट के पांडा बताते हैं कि पाँच छह दिन 25 30 शव रोज़ाना आने लगी है. 

तप रही है धरती

प्रचंड गर्मी और लू के चलते शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में 79, ओडिशा में 44, बिहार में 48 और झारखंड में 16 की जान चली गई. पिछले 4 दिनों में गर्मी ने राजस्थान में 60, दिल्ली में एक की जान ले ली है. झारखंड के अस्पतालों में 1,326 लोग भर्ती हैं. कई स्थानों पर, हीटस्ट्रोक वार्डों में जगह की कमी हो रही है. देश में पिछले 4 दिनों में लू से 320 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.  आईएमडी के मुताबिक, शुक्रवार को कानपुर में देश का सबसे अधिक तापमान 48.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.