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India Daily

मेरठ में मंत्री ने खुद संभाली कड़ाही, कांवड़ियों के लिए तली कचौरियां

कांवड़ यात्रा के दौरान मेरठ में सेवा का अनोखा दृश्य देखने को मिला. राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. सोमेंद्र तोमर ने सेवा शिविर में पहुंचकर न केवल कांवड़ियों से बातचीत की, बल्कि खुद कड़ाही संभालकर कचौरियां भी तलीं. बाद में उन्होंने अपने हाथों से शिवभक्तों को भोजन कराया.

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Edited By: Shanu Sharma
मेरठ में मंत्री ने खुद संभाली कड़ाही, कांवड़ियों के लिए तली कचौरियां
Courtesy: X (@isomendratomar)

कांवड़ यात्रा में इस समय चारों ओर शिवभक्ति के साथ सेवा का भाव भी दिखाई दे रहा है. मेरठ में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. सोमेंद्र तोमर भी कांवड़ियों की सेवा के लिए एक शिविर में पहुंचे. यहां उन्होंने शिवभक्तों से बातचीत कर उनकी यात्रा का हाल जाना और रास्ते में मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली.

मंत्री ने कांवड़ियों से भोजन, चिकित्सा, विश्राम और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी बात की. इसके बाद वह अचानक सेवा में जुटे लोगों के बीच पहुंच गए और खुद कड़ाही संभाल ली. उन्होंने कांवड़ियों के लिए तैयार की जा रही कचौरियां अपने हाथों से तलीं. मंत्री को इस तरह सेवा करते देख शिविर में मौजूद लोगों में भी उत्साह नजर आया.

शिवभक्तों को अपने हाथों से कराया भोजन

कचौरियां तलने के बाद डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कांवड़ियों को अपने हाथों से भोजन भी कराया. उनका यह तरीका लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया. मंत्री के कचौरी तलने की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए, जिन्हें लोगों ने खूब सराहा. डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि बाबा के भक्तों की सेवा करने का अवसर मिलना उनके लिए बड़े सौभाग्य की बात है. उन्होंने कहा कि वह बचपन से बाबा के भक्त रहे हैं और कांवड़ियों की सेवा का यह अवसर उनके लिए विशेष है.

डाक कांवड़ के कारण शामली में कई रास्ते बंद

शिवरात्रि से एक दिन पहले डाक कांवड़ियों की संख्या बढ़ने के कारण शामली में प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया. सोमवार को डाक कांवड़ वाहनों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए शहर में प्रवेश करने वाले कई रास्तों को पूरी तरह बंद कर दिया गया. इसके अलावा ई-रिक्शा और छोटे वाहनों के शहर में प्रवेश पर भी रोक लगा दी गई. प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान भीड़ और वाहनों के दबाव को नियंत्रित करना तथा किसी भी तरह की दुर्घटना की आशंका को कम करना है.