गाजियाबाद में मदरसे पर चला बुलडोजर, करोड़ों की सरकारी जमीन कराई गई कब्जामुक्त
गाजियाबाद के कुशलिया गांव में प्रशासन ने सरकारी रास्ते की भूमि पर बने करीब 20 साल पुराने मदरसे को ध्वस्त कर दिया. कार्रवाई में 0.088 हेक्टेयर जमीन कब्जामुक्त कराई गई, जिसकी कीमत एक करोड रुपये से अधिक बताई गई.
गाजियाबाद: यूपी के जनपद गाजियाबाद के कुशलिया गांव में प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने एक मदरसे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया. मंगलवार को राजस्व और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर पूरे ढांचे को हटाया गया. प्रशासन का दावा है कि यह निर्माण सरकारी रास्ते की जमीन पर किया गया था और करीब दो दशक से संचालित हो रहा था.
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि जिस भूमि पर मदरसा बना हुआ था, वह राजस्व अभिलेखों में सरकारी रास्ते के रूप में दर्ज है. जांच में पाया गया कि बिना किसी वैध अनुमति के वहां 'फैज-ए-आम मदरसा मिस्बाह उल उलूम' नाम से निर्माण कराया गया था. प्रशासन के अनुसार, यह निर्माण पूरी तरह अवैध था.
राजस्व विभाग की जांच में हुई पुष्टि
अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जानकारी शिकायत मिलने के बाद सामने आई. इसके बाद राजस्व विभाग की टीम ने स्थल का निरीक्षण कर अभिलेखों की जांच की. जांच में खसरा संख्या 1061 और 1067 की सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई. प्रशासन का कहना है कि भूमि पर कब्जा करने वाले यामीन पुत्र गनी थे, जिनका अब निधन हो चुका है.
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0.088 हेक्टेयर भूमि कराई गई मुक्त
एसडीएम सदर अरुण दीक्षित ने बताया कि अभियान के दौरान लगभग 0.088 हेक्टेयर सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराया गया. प्रशासन के अनुसार, वर्तमान बाजार दर के हिसाब से इस जमीन की कीमत एक करोड रुपये से अधिक आंकी गई है. कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल और प्रशासनिक टीम मौके पर तैनात रही.
अतिक्रमण के खिलाफ जारी रहेगा अभियान
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने का अभियान लगातार जारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए प्रशासन आगे भी इसी तरह की कार्रवाई करता रहेगा. प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.