करोड़ों खर्च, फिर भी बंद पड़े शौचालय और RRC सेंटर! गोंडा में 11 अफसरों पर गिरी गाज

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में पंचायत परिसंपत्तियों की बदहाल स्थिति पर पंचायत राज विभाग ने सख्ती दिखाई है. 11 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि छह ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों के चयन को भी मंजूरी मिल गई है.

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Kuldeep Sharma

गोंडा जिले की ग्राम पंचायतों में करोड़ों रुपये खर्च कर तैयार किए गए सार्वजनिक शौचालय, पंचायत भवन, आरआरसी सेंटर और स्वच्छ भारत मिशन के तहत खरीदे गए ई-रिक्शों की खराब स्थिति अब अधिकारियों के लिए मुश्किल बन गई है. निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. इसके साथ ही जिले की छह ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी आगे बढ़ा दी गई है.

निरीक्षण में सामने आईं गंभीर खामियां

पंडरीकृपाल विकासखंड में किए गए निरीक्षण के दौरान पंचायत व्यवस्था में कई कमियां उजागर हुईं. रिपोर्ट के अनुसार कई सार्वजनिक शौचालय नियमित रूप से संचालित नहीं हो रहे थे और उनकी सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली. कई स्थानों पर केयरटेकर को समय पर मानदेय नहीं मिलने की बात भी सामने आई. पंचायत भवन और ग्राम सचिवालय निर्धारित समय पर बंद मिले, जिससे ग्रामीणों को प्रमाण पत्र और अन्य सरकारी सेवाएं प्राप्त करने में कठिनाई हुई. पंचायत सहायकों की उपस्थिति भी अनियमित पाई गई, जिससे ग्रामीण प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं.

11 अधिकारियों को नोटिस, मांगा गया जवाब

निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर डीपीआरओ जीडी जैन ने 11 ग्राम विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. इनमें अंकित वर्मा, सुनील यादव, राहुल चंद्रा, सज्जाद खान, सुभाष चंद्र पांडेय, विनय कुमार भारती, सरिता शुक्ला, नीलू सिंह, आलोक कुमार सिंह, रजनीश कुमार और अवधेश कुमार शामिल हैं. सभी अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर फोटो और वीडियो के साथ विस्तृत स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं मिला तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.


छह पंचायतों में पंचायत सहायकों का चयन पूरा

इसी बीच जिले की छह ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक एवं अकाउंटेंट-कम-डाटा एंट्री ऑपरेटर के रिक्त पदों पर चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. डीपीआरओ के अनुसार, 13 जुलाई को जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति ने चयनित अभ्यर्थियों की पात्रता का परीक्षण कर नियुक्ति को मंजूरी दी. शासन के निर्धारित नियमों के तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के अंकों के औसत के आधार पर मेरिट तैयार की गई. चयनित अभ्यर्थियों में चेतना सिंह, सुनीता वर्मा, अलीमा, रत्नेश कनौजिया, संगीता यादव और सुनैना शर्मा शामिल हैं. संबंधित ग्राम पंचायतों को अनुबंध प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति संबंधी दस्तावेज पंचायतीराज पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं.