Gen-Z के बाद Gen-Alpha की दहाड़, 2 राज्यों में छात्रों ने किया प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में स्कूली छात्रों ने अपनी समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया. हमीरपुर में पक्की सड़क की मांग उठी, जबकि खटीमा में भोजन, पानी और सफाई की शिकायतों पर कार्रवाई हुई.

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Ashutosh Rai

Gen-Alpha यानी नई पीढ़ी के बच्चे अब अपनी रोजमर्रा की परेशानियों को लेकर खुलकर आवाज उठा रहे हैं. हमीरपुर में छात्रों ने स्कूल तक सड़क बनवाने के लिए तिरंगा यात्रा निकाली. वहीं खटीमा में आवासीय स्कूल के छात्रों ने खराब भोजन, दूषित पानी और गंदे शौचालयों के खिलाफ धरना दिया.

हमीरपुर में तिरंगा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे छात्र

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में ग्राम पंचायत चंदूपुर के गंगवा का डेरा और बच्ची का डेरा इलाके के बच्चे लंबे समय से खराब सड़क से परेशान थे. स्कूल जाने वाला रास्ता कच्चा और उबड़-खाबड़ है. वहीं बारिश में यहां कीचड़ के कारण परेशानी और बढ़ जाती है. इसी समस्या को लेकर छात्रों और ग्रामीणों ने हाथों में तिरंगा लेकर करीब पांच किलोमीटर की यात्रा की और कलेक्ट्रेट पहुंचे. वहां उन्होंने डीएम गेट के पास बैठकर सड़क बनवाने की मांग की. प्रशासन ने प्रदर्शन को देखते हुए अधिकारियों को मौके पर भेजा. ADM राकेश कुमार ने बताया कि सड़क के लिए वन विभाग की NOC मिल चुकी है और करीब 1.81 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण जल्द शुरू कराया जाएगा.

खटीमा में छात्रों ने भोजन और पानी पर उठाए सवाल

उत्तराखंड के खटीमा स्थित सरकारी एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में छात्रों ने स्कूल की व्यवस्थाओं के खिलाफ धरना शुरू किया. छात्रों ने खराब गुणवत्ता का खाना, दूषित पानी और गंदे शौचालयों की शिकायत की. उनका कहना था कि इन समस्याओं को लेकर पहले भी शिकायत की गई लेकिन पर्याप्त सुधार नहीं हुआ. बाद में अभिभावक भी छात्रों के साथ धरने में शामिल हो गया. मामला स्थानीय जनप्रतिनिधियों के जरिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तक पहुंचा. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद विद्यालय की प्रधानाचार्य भारती यादव को हटाने का आदेश दिया गया. व्यवस्था सुधारने का भरोसा मिलने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया.

400 छात्रों वाले स्कूल में उठी व्यवस्था सुधारने की मांग

खटीमा के इस आवासीय विद्यालय में कक्षा 6 से 12वीं तक करीब 400 जनजातीय छात्र पढ़ते हैं. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने भोजन और पानी की गुणवत्ता के साथ शौचालयों की सफाई का मुद्दा उठाया. अभिभावकों ने प्रधानाचार्य पर अभद्र व्यवहार और शिकायत करने पर धमकाने के आरोप भी लगाए. दोनों घटनाओं में छात्रों ने अपनी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए अलग-अलग रास्ता अपनाया. हमीरपुर में सड़क निर्माण की मांग को लेकर बच्चों ने तिरंगा यात्रा निकाली. वहीं खटीमा में छात्रों ने स्कूल परिसर में धरना दिया. एक जगह सड़क निर्माण शुरू होने का रास्ता साफ हुआ, तो दूसरी जगह मुख्यमंत्री के दखल के बाद प्रधानाचार्य को हटाने की कार्रवाई हुई.