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माघ मेले के शिविर में आग का तांडव, लपटें उठने से लोगों में दहशत; किशोरी मठ में हुआ हादसा

एसीपी मनोज सिंह ने बताया कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, इसलिए कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है.

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प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेला के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक शिविर में बने टेंट से अचानक आग की लपटें उठने लगी. कुछ ही पलों में आग तेजी से फैलने लगी, जिससे वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई.

स्थिति को भांपते हुए श्रद्धालुओं और शिविर में मौजूद लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी. सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और तेजी से आग बुझाने का काम शुरू किया.

किशोरी मठ में हुआ हादसा

यह घटना माघ मेला क्षेत्र के सेक्टर-6 स्थित किशोरी मठ के शिविर में हुई. आग की चपेट में आकर वहां लगे दो टेंट पूरी तरह जलकर राख हो गए. इसके साथ ही टेंट में रखा घरेलू सामान और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुएं भी पूरी तरह नष्ट हो गई. हालांकि, राहत की बात यह रही कि आग आसपास के अन्य शिविरों और पंडालों तक नहीं पहुंची.

बड़ा हादसा होने से टला

दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर तुरंत आग पर काबू पा लिया. आग बुझाने की कार्रवाई इतनी तेजी से की गई कि कुछ ही समय में हालात सामान्य हो गए. दमकल विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा होने से बच गया. किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, जिससे प्रशासन और श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली.

माघ मेला क्षेत्र में व्यापक इंतजाम

गौरतलब है कि माघ मेला करीब 800 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसे सात सेक्टरों में बसाया गया है. मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 25,000 से अधिक शौचालय बनाए गए हैं और 3,500 से ज्यादा सफाईकर्मी तैनात हैं. अल्प अवधि के कल्पवासियों के लिए विशेष टेंट सिटी बनाई गई है, जहां ध्यान, योग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं.

सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की सख्ती

श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन के लिए बाइक टैक्सी और गोल्फ कार्ट की सुविधा दी गई है. पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से 10,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं. भीड़ और यातायात प्रबंधन के लिए 42 अस्थायी पार्किंग बनाई गई हैं, जिनमें करीब एक लाख वाहनों के खड़े होने की व्यवस्था है. माघ मेला 2025-26 के तहत 12,100 फीट लंबे घाट भी तैयार किए गए हैं.

जांच में जुटा प्रशासन

घटना के बाद एसीपी मनोज सिंह ने बताया कि आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, इसलिए कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. प्रशासन ने सभी शिविरों और पंडालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.