नौकरी के नाम पर बड़ा साइबर फ्रॉड: भर्ती के बहाने बैंक खाते खुलवाकर छात्रों से 9 करोड़ का संदिग्ध ट्रांजेक्शन

नमो भारत और मेरठ मेट्रो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुछ युवाओं से नए बैंक खाते खुलवाए गए और बाद में उन्हीं खातों का इस्तेमाल करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के लिए किया गया.

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Meenu Singh

मेरठ: नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा साइबर फ्रॉड सामने आया है, जिसने हर किसी को चौंका दिया है. नमो भारत और मेरठ मेट्रो में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कुछ युवाओं से नए बैंक खाते खुलवाए गए और बाद में उन्हीं खातों का इस्तेमाल करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के लिए किया गया. जब पुलिस का नोटिस एक छात्र के परिचित तक पहुंचा, तब इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ और पीड़ितों के पैरों तले जमीन खिसक गई.

पीड़ित छात्रों ने मेरठ के ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वे सभी नौकरी की तलाश में थे. इसी दौरान उनकी मुलाकात कुछ लोगों से हुई, जिन्होंने खुद को रोजगार उपलब्ध कराने वाली कंसल्टेंसी से जुड़ा बताया. आरोप है कि नौकरी दिलाने के नाम पर छात्रों से नए बैंक खाते खुलवाए गए और एटीएम कार्ड व पासबुक अपने कब्जे में ले लिए गए. बाद में इन्हीं खातों के जरिए करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन किया गया.

नौकरी का झांसा देकर जीता भरोसा

छात्रों के अनुसार, आरोपियों ने नमो भारत और मेरठ मेट्रो में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि पहली सैलरी मिलने पर कमीशन लिया जाएगा. इस बहाने युवाओं को अलग अलग बैंकों में खाते खुलवाने के लिए तैयार किया गया. खाते खुलने के बाद आरोपियों ने पासबुक और एटीएम कार्ड भी अपने पास रख लिए.


पुलिस नोटिस से खुला पूरा मामला

काफी समय तक नौकरी नहीं मिलने पर भी छात्रों को टालमटोल किया जाता रहा. मामला तब सामने आया जब एक छात्र के परिचित के पास पुलिस का नोटिस पहुंचा. इसके बाद सभी छात्रों ने अपने बैंक खातों का विवरण निकलवाया, जिसमें करोड़ों रुपये के लेनदेन की जानकारी सामने आई. इसके बाद पीड़ितों ने तुरंत पुलिस का रुख किया.

खातों से करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेनदेन

पीड़ितों का दावा है कि अलग अलग खातों से भारी रकम का ट्रांजेक्शन किया गया. एक छात्र के खाते से करीब 6.5 करोड़ रुपये, दूसरे के खाते से 42 लाख रुपये, एक अन्य खाते से 12 लाख रुपये और एक खाते से लगभग 8 करोड़ रुपये का लेनदेन दर्ज मिला. सभी खातों में कुल मिलाकर करीब 9 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आई है.

पुलिस ने शुरू की जांच

छात्रों का कहना है कि संबंधित बैंक खातों पर पहले से साइबर शिकायत दर्ज है. पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की भूमिका के साथ साथ संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.