उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को बड़ी राहत देने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को प्रदेश के 3.53 लाख रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित करेंगे.
लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में इसके लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इस पहल से रसोइयों और उनके परिवारों को इलाज के लिए आर्थिक मदद मिलेगी.
राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने हाथों से 11 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान करेंगे. कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से करीब 1500 रसोइयों की सहभागिता रहेगी. इसके अलावा जिला और तहसील स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां जनप्रतिनिधियों के माध्यम से रसोइयों को सम्मानित किया जाएगा.
स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आयोजन की तैयारियां बेहतर तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए हैं. रसोइयों को दिए जाने वाले चिकित्सा कार्ड के माध्यम से उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों को एक साल में 5 लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा मिल सकेगी.
कार्यक्रम में पीएम पोषण योजना की उपलब्धियों और रसोइयों के योगदान पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई जाएगी. इसके साथ ही बुकलेट, पोस्टर और फ्लेक्स के माध्यम से योजना की उपलब्धियों को लोगों तक पहुंचाया जाएगा. सरकार का उद्देश्य बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में रसोइयों की भूमिका को सार्वजनिक पहचान देना है.
पीएम पोषण योजना के तहत राजकीय, परिषदीय और अशासकीय सहायता प्राप्त प्राथमिक, उच्च प्राथमिक तथा कंपोजिट विद्यालयों में रसोइये सेवाएं दे रहे हैं.
रसोइयों के मानदेय में भी सरकार ने बढ़ोतरी की है. वर्ष 2019 में मानदेय 1500 रुपये किया गया था, जबकि 2022 में इसे बढ़ाकर 2000 रुपये किया गया. अब इसमें 1000 रुपये की और वृद्धि करते हुए मानदेय 3000 रुपये कर दिया गया है. इसके अलावा रसोइयों को 500 रुपये की यूनिफॉर्म और 400 रुपये के ग्लव्स के लिए अतिरिक्त राशि भी दी जाती है.