बलिया बलिदान दिवस पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- वीरों का त्याग प्रेरणा देता है

सीएम योगी ने लिखा कि वर्ष 1942 में आज ही के दिन बलिया की वीरभूमि ने अंग्रेजों की बर्बर और दमनकारी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई थी. उस दिन बलिया के लोगों ने अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए स्वतंत्रता का शंखनाद किया. अंग्रेजों के खिलाफ उठी यह चिंगारी पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई. 

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को 'बलिया बलिदान दिवस' के अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों को याद किया. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मातृभूमि की आजादी के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीरों को विनम्र श्रद्धांजलि.

बलिया बलिदान दिवस पर सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि

सीएम योगी ने लिखा कि वर्ष 1942 में आज ही के दिन बलिया की वीरभूमि ने अंग्रेजों की बर्बर और दमनकारी हुकूमत के खिलाफ आवाज उठाई थी. उस दिन बलिया के लोगों ने अदम्य साहस और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए स्वतंत्रता का शंखनाद किया. अंग्रेजों के खिलाफ उठी यह चिंगारी पूरे देश के लिए प्रेरणा बन गई.


उन्होंने आगे कहा कि बलिया के वीर सपूतों का बलिदान और उनका शौर्य आज भी हमें देश सेवा के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है. ऐसे महान हुतात्माओं के त्याग के कारण ही आज हम आजाद भारत में सांस ले पा रहे हैं.

क्या है बलिया बलिदान दिवस का इतिहास

1942 में भारत छोड़ो आंदोलन अपने चरम पर था. महात्मा गांधी के आह्वान पर पूरे देश में अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन तेज हो गया था. 19 अगस्त 1942 को बलिया में भी लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ बगावत कर दी. स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर अंग्रेजी प्रशासन को चुनौती दी. कुछ ही घंटों में बलिया में ब्रिटिश हुकूमत खत्म हो गई और यहां अस्थायी तौर पर राष्ट्रीय सरकार की घोषणा कर दी गई. 

बलिया देश का पहला जिला बना जहां अंग्रेजों को हटाकर जनता का राज स्थापित हुआ. इस आंदोलन में कई लोगों ने अपने प्राणों की आहुति दी. अंग्रेजों ने आंदोलन को दबाने के लिए जमकर दमन किया. लेकिन बलिया के लोगों का हौसला नहीं टूटा. इसी घटना को याद करने के लिए हर साल 19 अगस्त को 'बलिया बलिदान दिवस' मनाया जाता है.

सीएम ने युवाओं से की अपील

अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी हमें आसानी से नहीं मिली. इसके पीछे हजारों बलिदानियों का खून शामिल है. बलिया के शहीदों ने यह साबित किया कि जब जनता एकजुट हो जाए तो कोई भी ताकत उसे नहीं रोक सकती. योगी आदित्यनाथ ने युवाओं से अपील की कि वे शहीदों के आदर्शों को जीवन में उतारें। देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए काम करें. उन्होंने कहा कि आज हमें सीमाओं पर तैनात जवानों और समाज के लिए काम करने वाले हर व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए.