'चचा को गच्चा दे गए आप, भतीजा भयभीत' विधानसभा में सीएम योगी ने कही ऐसी बात, सपाई भी नहीं रोक पाए हंसी
विधानसभा में अखिलेश यादव के इस्तीफे के बाद नेता प्रतिपक्ष का पद खाली हो गया था. समाजवादी पार्टी में कई दिन मंथन हुआ कि मानसून सत्र में अखिलेश यादव की जगह कौन नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में रहेगा. नेता प्रतिपक्ष की रेस में सपा के सबसे बड़े नेताओं में शुमार शिवपाल यादव का भी नाम आया. अखिलेश ने चाचा पर भरोसा न करते हुए, मुलायम सिंह के करीबियों में शुमार रहे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय को नेता प्रतिपक्ष बना दिया. अब सीएम योगी ने इस पर चुटकी ली है.
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मानसून सत्र का दूसरा दिन आज है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा पर अब तक उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ऐसा तंज कसा है, जिसे सुनकर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा. उन्होंने अखिलेश यादव का मजाक उड़ाया, फिर भी सपा विधायक अपनी हंसी रोक नहीं पाए. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय अपनी हंसी किसी तरह दबा ले गए.
दरअसल योगी आदित्यनाथ 2022 से 2024 के बीच महिलाओं के प्रति अपराधों पर चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा था कि महिलाओं विरुद्ध पॉस्को अपराध में 16718 अभियुक्तों को सजा दी गयी, 21 को मृत्यदंड, 1713 आजीवन कारावास, 4653 को दस वर्ष या अधिक का कारावास मिली. तभी मंगलवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने पूछा महिलाओं के खिलाफ अपराधों में जो अपराधी दंडित हो जाते हैं, उन्हें ही आप घटना मानते हैं, या जो घटनाएं घटती हैं, उन्हें आप घटना मानते हैं. इसके जवाब में सीएम योगी ने मजेदार बात कही.
'चचा को गच्चा दे गए आप'
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'नेता प्रतिपक्ष मैं आपका सम्मान करता हूं. आपने दो-दो बार इस सदन में अध्यक्ष की भूमिका में रहे हैं, मैं आपका सम्मान करता हूं. पहले तो आपके चयन के लिए बधाई देता हूं. ठीक ही है, ये अलग विषय है कि आपने चचा को गच्चा दे ही दिया. चचा बेचारा हमेशा ही ऐसे ही मार खाता है. उनकी नियति ही ऐसी है, क्योंकि भतीजा हमेशा ही भयभीत रहता है.'
किस चचा को गच्चा दे गए माता प्रसाद पांडेय?
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव के बीच की अदावत किसी से छिपी नहीं है. साल 2017 से ही अखिलेश यादव और शिवपाल यादव में संवादहीनता की स्थिति आ गई थी. उन्हें पार्टी से बाहर जाना पड़ा था, शिवपाल को नई पार्टी बनानी पड़ी थी. सालों के संघर्ष के बाद चाचा को संतोष करना पड़ा और उन्हें अपनी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का विलय सपा में करना पड़ा.
शिवपाल को दोबारा पार्टी में अखिलेश यादव ने न वो सम्मान दिया, न ही वो रसूख. इसी वजह से सीएम योगी ने चचा वाला तंज कसा है. कई मौकों पर साबित हो चुका है कि शिवपाल यादव की राजनीतिक हैसियत के मुताबिक उन्हें अखिलेश ने वह सम्मान कभी नहीं दिया, जो मुलायम सिंह शिवपाल को देते थे. मुलायम सिंह सरकार चलाते थे और शिवपाल संगठन लेकिन अखिलेश यादव ने उन्होंने दोनों जगहों पर हमेशा हाशिए पर रखा.
सीएम योगी ने जवाब में क्या कहा?
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के जवाब में सीएम योगी ने कहा, 'आप इस समय के वरिष्ठतम सदस्यों में से एक हैं. मैं आपका सम्मान करता हूं. साल 2016 में यूपी में रेप की 1838 घटनाएं हुईं लेकिन साल 2024 में आंकड़े घटकर 1373 हो गई, जबकि आबादी बढ़ी. यानी महिलाओं के प्रति 25 फीसदी अपराध कम हो गए.'
विधानसभा में सीएम योगी ने गिनाई उपलब्धियां
सीएम योगी ने कहा, 'आबादी बढ़ने के क्रम में अपराध कम हो रहा है. महिला सबंधी अपराध दो तरह के होते हैं. एक घर में होते हैं, दूसरे घर के बाहर होते हैं. दोनों के लिए सरकार ने अलग-अलग शिकायती नंबरों की व्यवस्था की है. घरेलू हिंसा के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 है, वहीं बाहरी सुरक्षा के लिए 1090 है. एक क्विक रेस्पांस टीम भी बनाई गई है. तीनों नंबरों में से किसी भी नंबर पर फोन करेंगे तो मदद मिल जाएगी.'