अलीगंज कोचिंग अग्निकांड के बाद सख्त हुए सीएम योगी, अवैध निर्माणों पर मांगी पूरी रिपोर्ट

लखनऊ के अलीगंज कोचिंग अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने एलडीए से शहरभर में जारी सील नोटिस, ध्वस्तीकरण कार्रवाई और अवैध भवनों पर हुए एक्शन की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है.

ANI
Shanu Sharma

लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग संस्थान में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है. इस दर्दनाक हादसे में 15 मासूम छात्रों की मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध निर्माणों और सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है. घटना के बाद सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है और संबंधित विभागों से जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार को मंगलवार शाम पांच बजे तलब किया है. मुख्यमंत्री ने शहर के सभी सात जोनों में 1 जनवरी से अब तक जारी किए गए सील नोटिसों का पूरा ब्यौरा मांगा है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि इन नोटिसों पर जमीनी स्तर पर कितना अमल हुआ और कितने मामलों में ध्वस्तीकरण अथवा बुलडोजर कार्रवाई की गई.

अवैध भवन में चल रहे थे कई व्यवसाय

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री अवैध निर्माणों के खिलाफ हुई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे और यह भी जांचेंगे कि जिन भवनों को नोटिस जारी किए गए थे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हुई या नहीं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में आग लगी, वह भवन नियमों के अनुरूप नहीं था.


इसी इमारत में कोचिंग संस्थान के अलावा पेट शॉप, क्लीनिक और एनिमेशन सेंटर भी संचालित किए जा रहे थे. एक ही परिसर में कई गतिविधियों के संचालन और सुरक्षा मानकों की कथित अनदेखी ने हादसे की गंभीरता को और बढ़ा दिया. आग लगने के बाद छात्रों को बाहर निकलने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल सका, जिसके कारण बड़ी संख्या में जान-माल का नुकसान हुआ. हादसे में कई परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है.

एसआईटी टीम कर रही जांच

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ही विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन के निर्देश दिए थे. एसआईटी की टीम मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंची और विस्तृत निरीक्षण किया. जांच टीम ने आग लगने के कारणों, सुरक्षा व्यवस्था और भवन की संरचना से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करते हुए वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी. अलीगंज अग्निकांड के बाद माना जा रहा है कि प्रदेशभर में अवैध निर्माणों और बिना अनुमति संचालित संस्थानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा सकता है.