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उत्तराखंड को मिली बड़ी सौगात, देश का पहला सी-प्लेन सर्किट, पानी से उड़ान भरेगा टूरिज्म

उत्तराखंड में सी-प्लेन की शुरुआत लंबे समय से चल रही योजना का हिस्सा है. पहले टिहरी झील को चुना गया था. कुछ समय पहले ऋषिकेश बैराज पर पहली सफल ट्रायल लैंडिंग हुई. इसके कुछ दिन बाद टिहरी झील में भी सी-प्लेन उतारा गया. दोनों जगहों पर ट्रायल पूरी तरह सफल रहे, जिससे सरकार उत्साहित है.

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Edited By: Antima Pal
उत्तराखंड को मिली बड़ी सौगात, देश का पहला सी-प्लेन सर्किट, पानी से उड़ान भरेगा टूरिज्म
Courtesy: grok

उत्तराखंड: उत्तराखंड सरकार पर्यटन को नई ऊंचाई देने के लिए सी-प्लेन सेवाओं को तेजी से बढ़ा रही है. ऋषिकेश बैराज और टिहरी झील में सफल ट्रायल लैंडिंग के बाद अब प्रदेश के अन्य जलाशयों को भी इस योजना में शामिल किया जा रहा है. यह देश का पहला ऐसा सी-प्लेन सर्किट बनने जा रहा है, जो पर्यटकों को पानी के रास्ते रोमांचक यात्रा का मौका देगा.

उत्तराखंड में बनेगा देश का अनोखा सी-प्लेन सर्किट

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने उत्तराखंड के तीन नए स्थानों को सी-प्लेन संचालन के लिए चिह्नित किया है. इनमें ऊधम सिंह नगर जिले की नानकसागर झील, हरिपुर जलाशय और पौड़ी गढ़वाल की कालागढ़ झील शामिल हैं. इन जगहों पर भी जल्द ही सी-प्लेन की ट्रायल लैंडिंग की जाएगी. सफल होने पर इन स्थानों को भी सर्किट में जोड़ा जाएगा.

पानी से उड़ान भरेगा टूरिज्म

उत्तराखंड में सी-प्लेन की शुरुआत लंबे समय से चल रही योजना का हिस्सा है. पहले टिहरी झील को चुना गया था. कुछ समय पहले ऋषिकेश बैराज पर पहली सफल ट्रायल लैंडिंग हुई. इसके कुछ दिन बाद टिहरी झील में भी सी-प्लेन उतारा गया. दोनों जगहों पर ट्रायल पूरी तरह सफल रहे, जिससे सरकार उत्साहित है.

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूकाडा संजय टोलिया ने बताया कि फिलहाल टिहरी और ऋषिकेश में नियमित सी-प्लेन उड़ान शुरू करने की तैयारी है. इन दोनों जगहों पर अच्छे परिणाम मिलने के बाद पूरे सर्किट को विकसित किया जाएगा. 

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

सी-प्लेन सर्किट से राज्य के दूर-दराज के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी. पर्यटक हिमालय की सुंदर झीलों, नदियों और पहाड़ी इलाकों को नजरों से नीचे देखते हुए यात्रा का लुत्फ उठा सकेंगे. यह साहसिक पर्यटन और प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण बनेगा. इस परियोजना से स्थानीय लोगों को भी फायदा होगा. आसपास के क्षेत्रों में होटल, गाइड, ट्रांसपोर्ट और अन्य पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां बढ़ेंगी. इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.