यूपी में CM योगी के दो बड़े ऐलान, ड्राइवरों की कमाई में अब नहीं कटेगा कमीशन; किसानों को भी सस्ता लोन
उत्तर प्रदेश में टैक्सी चालकों और छोटे-सीमांत किसानों के लिए दो नई व्यवस्थाएं शुरू की गई हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया.
उत्तर प्रदेश में रोज सड़क पर गाड़ी चलाकर परिवार पालने वाले ड्राइवरों और खेती के लिए कर्ज लेने वाले किसानों से जुड़ा बड़ा बदलाव सामने आया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी सेवा और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की शुरुआत की है. भारत टैक्सी से टैक्सी, दोपहिया और तिपहिया चालक जुड़ सकेंगे और उनसे कमीशन नहीं लिया जाएगा. इसके साथ चालकों को पांच लाख रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा देने की बात कही गई है.
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक से मिलने वाले दीर्घकालिक ऋण की ब्याज दर 11 प्रतिशत से घटाकर छह प्रतिशत कर दी गई है. योजना का लाभ मुख्य रूप से छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा. सरकार ने आने वाले पांच वर्षों में पांच लाख किसानों को इससे जोड़ने का लक्ष्य रखा है. खेती और कृषि से जुड़ी जरूरतों के लिए छह लाख रुपये तक का दीर्घकालिक ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है.
ड्राइवरों की कमाई में कमीशन का बोझ नहीं
भारत टैक्सी को चालकों के लिए कमीशन मुक्त व्यवस्था के तौर पर शुरू किया गया है. इसमें टैक्सी के साथ दोपहिया और तिपहिया वाहन चालक भी पंजीकरण कराकर जुड़ सकते हैं. मुख्यमंत्री के अनुसार, चालकों को पांच लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा भी मिलेगी. भारत टैक्सी का संचालन लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में शुरू किया गया है. लखनऊ एयरपोर्ट, मेट्रो और पुलिस सहित कई संस्थाओं के साथ इसके लिए समझौते भी हुए हैं.
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मुख्यमंत्री ने प्रयागराज महाकुंभ का उदाहरण देते हुए रैपिडो से जुड़े युवाओं का उल्लेख किया. उनके अनुसार, बाइक के जरिए श्रद्धालुओं को संगम, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंचाने में युवाओं ने भूमिका निभाई थी. उन्होंने ग्रामीण बस सेवा को भी भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाने की बात कही. मुख्यमंत्री के मुताबिक, ऐसे मॉडल के विस्तार से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं.
किसानों के लिए सस्ता हुआ दीर्घकालिक कर्ज
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को छह प्रतिशत ब्याज दर पर दीर्घकालिक ऋण मिलेगा. खेती और कृषि आधारित गतिविधियों के लिए छह लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान है. योजना के लिए 384 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को ब्याज अनुदान का लाभ मिलने की जानकारी भी सामने आई है. योजना में छोटे और सीमांत किसानों के साथ नियमित भुगतान करने वाले पुराने ऋणी सदस्य भी शामिल किए गए हैं.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कृषक समृद्धि पोर्टल, उर्वरक से जुड़ा मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव डाटा सेंटर की मोबाइल सेवा भी शुरू की. उन्होंने भारत टैक्सी के पांच सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र और कृषक समृद्धि योजना के पांच लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र सौंपे. मुख्यमंत्री ने सहकारिता क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए बताया कि 2017 के बाद 86 लाख छोटे और सीमांत किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफ किए गए.