यूपी में फार्मर आईडी बनाने का अभियान तेज, लखीमपुर खीरी में 6 लाख रजिस्ट्रेशन पूरे; ऐसे करें खुद अपडेट
उत्तर प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत मिली है. अब किसान फार्मर आईडी पोर्टल पर खुद अपना विवरण अपडेट कर सकेंगे.
उत्तर प्रदेश में फार्मर आईडी बनाने का अभियान लगातार गति पकड़ रहा है. लखीमपुर खीरी ने छह लाख से अधिक किसानों का पंजीकरण पूरा कर प्रदेश में नई उपलब्धि हासिल की है. अब किसानों को एक और बड़ी सुविधा मिली है, जिससे वे घर बैठे अपने विवरण में जरूरी बदलाव कर सकेंगे.
लखीमपुर खीरी में तेजी से बढ़ा फार्मर आईडी अभियान
लखीमपुर खीरी जिले में प्रशासन और कृषि विभाग के संयुक्त प्रयासों से फार्मर आईडी बनाने का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है. अब तक 6,00,018 किसानों की फार्मर आईडी तैयार की जा चुकी है. इस उपलब्धि के साथ जिला प्रदेश की रैंकिंग में 29वें स्थान पर पहुंच गया है. विभाग के अनुसार जन सेवा केंद्रों के जरिए 3,47,650 किसानों का पंजीकरण हुआ है. वहीं 75 हजार किसानों ने स्वयं ऑनलाइन आवेदन किया. सहायक ऐप से 1,62,807 और विशेष शिविरों के माध्यम से 15,207 किसानों की आईडी बनाई गई. जिले में तय लक्ष्य का 83.11 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और बाकी किसानों का पंजीकरण भी लगातार जारी है.
अब किसान खुद कर सकेंगे अपना विवरण अपडेट
किसानों को राहत देते हुए सरकार ने पोर्टल पर नई सुविधा शुरू की है. अब किसान अपने लॉगिन के माध्यम से खुद ही अपने रिकॉर्ड में जरूरी बदलाव और सुधार कर सकेंगे. इससे छोटे-छोटे संशोधन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. कृषि विभाग का कहना है कि यह सुविधा किसानों का समय बचाएगी और प्रक्रिया को आसान बनाएगी. अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि जिनकी फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे जल्द पंजीकरण करा लें. आने वाले समय में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त पाने के लिए फार्मर आईडी जरूरी होगी, इसलिए समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है.
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गांवों में शिविर जारी
फार्मर आईडी अभियान को पूरा करने के लिए गांव-गांव विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र किसान इस योजना से बाहर न रहे. इसी बीच जिले के मझगई क्षेत्र से किसानों की दूसरी परेशानी भी सामने आई है. ग्रामीणों का कहना है कि जंगली सुअरों के झुंड लगातार गन्ने की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. कंधरहिया गांव में करीब दो एकड़ गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है. किसानों का दावा है कि पिछले एक महीने में लगभग छह एकड़ फसल खराब हो चुकी है. पीड़ित किसानों ने वन विभाग और पार्क प्रशासन से जंगली जानवरों पर नियंत्रण और फसलों की सुरक्षा के लिए जल्द कदम उठाने की मांग की है.