इंस्टाग्राम-टेलीग्राम के जरिए बेचता था पॉर्न कंटेंट; शर्मनाक करतूत करने वाले इंजीनियर के खाते में मिले 1.2 करोड़

उत्तर प्रदेश के हरदोई में पुलिस ने इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर 21 चैनल चलाकर अश्लील सामग्री बेचने वाले एक बीटेक पास शातिर को गिरफ्तार किया है. उसके पास से करोड़ों की अवैध रकम बरामद हुई है.

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Kanhaiya Kumar Jha

हरदोई: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से साइबर अपराध का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए अश्लील सामग्री बेचकर करोड़ों की कमाई करने वाले बीटेक इंजीनियर को धर दबोचा है. आरोपी टेलीग्राम और इंस्टाग्राम पर दर्जनों चैनल चलाकर हजारों लोगों को आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बेच रहा था. इस अवैध कारोबार के जरिए उसने कुछ ही सालों में करोड़ों रुपये की काली कमाई की है, जिसका खुलासा उसके बैंक खातों से हुआ है.

इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश तब हुआ जब हरदोई के एक पीड़ित छात्र ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई. छात्र ने आरोप लगाया था कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से तैयार उसका एक अश्लील वीडियो टेलीग्राम पर धड़ल्ले से प्रसारित किया जा रहा है. इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए शहर कोतवाली के उपनिरीक्षक रोशन सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कड़ियों को जोड़ना शुरू किया तो तार प्रयागराज से जुड़ गए.

आरोपी को दबोचने के लिए पुलिस ने बिछाया जाल

पुलिस जांच में पता चला कि प्रयागराज के धूमलगंज क्षेत्र का रहने वाला विकास इस घिनौने धंधे का मुख्य मास्टरमाइंड है. आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने एक अचूक जाल बुना. एक पुलिसकर्मी ने फर्जी ग्राहक बनकर विकास से संपर्क किया और वीडियो की मांग की. विकास ने उसे अपने प्राइवेट चैनल का पेड सब्सक्रिप्शन लेने को कहा और इसके लिए अपना बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड दे दिया. विवरण मिलते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया.

छह साल में तैयार किया बड़ा नेटवर्क

सीओ सिटी अंकित मिश्रा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि विकास ने साल 2019 में प्रयागराज के एक नामी कॉलेज से बीटेक की डिग्री हासिल की थी. पढ़ाई पूरी करने के बाद वर्ष 2020 से उसने सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर करीब 21 अवैध ग्रुप और चैनल तैयार किए. इन छह सालों में देश भर के लगभग सात हजार लोग उसके ग्राहक बन चुके थे, जिनमें कई नाबालिग छात्र भी शामिल हैं जो नियमित तौर पर पैसे देकर सामग्री खरीदते थे.

गूगल लेंस और तकनीक का गलत इस्तेमाल

आरोपी ने ग्राहकों को लुभाने के लिए 350 रुपये से लेकर 600 रुपये तक के मासिक और छमाही सब्सक्रिप्शन प्लान बना रखे थे. पुलिस की छापेमारी में उसके पास से 10 हजार अश्लील वीडियो और 40 हजार आपत्तिजनक तस्वीरें बरामद हुई हैं. विकास बीटेक की तकनीक का इस्तेमाल कर किसी भी छोटे वीडियो क्लिप या स्क्रीनशॉट को गूगल लेंस के जरिए सर्च करता था और उसकी असली फाइल ढूंढकर अपने चैनल पर अपलोड कर देता था.

घरवाले समझते रहे ऑनलाइन नौकरी

विकास के पिता भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त हैं. बीटेक करने के बाद विकास हर वक्त अपने कमरे में लैपटॉप और कंप्यूटर पर ही व्यस्त रहता था. सीधे-साधे परिजनों को लगता था कि उनका पढ़ा-लिखा बेटा घर बैठे कोई प्रतिष्ठित ऑनलाइन नौकरी कर रहा है. लेकिन जब पुलिस अचानक उसके कमरे में दाखिल हुई और उसे हथकड़ी लगाई, तब जाकर परिवार के सामने उसकी इस काली करतूत और सवा करोड़ रुपये से भरे तीन बैंक खातों का सच आया.