'दोस्त तुमसे एक दिन नहीं मिला तो ऐसा लगा...', जिनपिंग से हाथ मिलाते ही बोले पुतिन

जिनपिंग ने कहा कि दुनिया शांत होने से कोसों दूर है और एकपक्षीय कार्रवाईयों और आधिपत्य से होने वाला नुकसान बहुत ज्यादा है.

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Sagar Bhardwaj

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस समय चीन की यात्रा पर हैं. बुधवार को बीजिंग में पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई. जिनपिंग से हाथ मिलाते ही पुतिन ने एक चीनी कहवात का जिक्र करते हुए कहा, 'मेरे दोस्त आपसे एक दिन नहीं मिला तो लगा कि तीन पतझड़ गुजर गए.'

पुतिन ने इससे पहले सितंबर 2025 में बीजिंग में ही शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान जिनपिंग से मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री मोदी भी उस समय चीन में ही थे. जिनपिंग से इस गर्मजोशी के साथ मिलना रूस और चीन के बीच लगातार महबूत होती दोस्ती को दर्शाता है.

ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में पुतिन का स्वागत

जिनपिंग ने उसी ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में पुतिन का स्वागत किया जहां वे 15 मई को ट्रंप से मिले थे. जिनपिंग और पुतिन ने अपील की कि पश्चिम एशिया में तुरंत युद्ध खत्म होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हालात एक नाजुक मोड़ पर पहुंच चुके हैं.

शी ने कहा कि पश्चिम एशिया में फिर से लड़ाई शुरू ना हो और बातचीत के जरिए मामला सुलझाया जाए. उन्होंने कहा कि इस संघर्ष के जल्द अंत होने से ऊर्जा आपूर्ति, सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था में आ रही रुकावटों को कम करने में मदद मिलेगी.

रूसी राष्ट्रपति पुतिन 25वीं बार चीन पहुंचे हैं. शी को अपना प्रिय मित्र बताते हुए पुतिन ने कहा कि एक दिन की जुदाई तीन पतझड़ जैसी लगी. पुतिन ने यह भी कहा कि राजनीतिक भरोसा रूस और चीन के रिश्ते की सबसे बड़ी खासियत है.

पुतिन-शी की मुलाकात पर दुनिया की नजर

बता दें कि पुतिन और शी जिनपिंग की मुलाकात पर दुनियाभर के रणनीतिक विशेषज्ञ बारीकी से नजर रख रहे हैं. वहीं चीन और रूस की लगातार गहरी होती दोस्ती अमेरिका के लिए मुसीबत बन रही है. यहां ट्रंप के लिए एक और बुरी खबर ये है कि चीन और रूस दोनों ही ईरान के अहम रणनीतिक साझेदार हैं और तेहरान के साथ उनके आर्थिक और सैन्य संबंध काफी गहरे हैं. शी ने ट्रंप की नीतियों की परोक्ष रूप से  आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात काफी अस्थिर और उथल-पुथल भरे हैं. उन्होंने कहा कि एकपक्षीयता और दबदबा बनाने की प्रवृत्ति फिर से सिर उठा रही है.

दुनिया शांति से कोसों दूर

जिनपिंग ने कहा कि दुनिया शांत होने से कोसों दूर है और एकपक्षीय कार्रवाईयों और आधिपत्य से होने वाला नुकसान बहुत ज्यादा है.  उन्होंने कहा कि हम विश्व शासन की एक नई, अधिक तर्कसंगत और निष्पक्ष प्रणाली बनाने, दुनिया को समृद्धि की ओर ले जाने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करने के लिए तैयार हैं. क्रेमलिन के अनुसार पुतिन की इस यात्रा के दौरान चीन और रूस के बीच 40 समझौतों पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है.