चुनाव से पहले मायावती का एक्शन मोड, नोएडा के इस दिग्गज नेता को बीएसपी से निकाला बाहर
बसपा ने गौतमबुद्ध नगर से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सतवीर नागर को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित कर दिया है. पार्टी ने इसे संगठनात्मक अनुशासन से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम बताया है.
नोएडा: बहुजन समाज पार्टी ने गौतमबुद्ध नगर में बड़ा संगठनात्मक फैसला लिया है. पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सतवीर नागर को बसपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. पार्टी का कहना है कि लंबे समय से उनके खिलाफ अनुशासनहीनता और संगठन विरोधी गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं. इस कार्रवाई को आगामी चुनावी रणनीति और संगठन में अनुशासन बनाए रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
बसपा संगठन ने पूर्व प्रत्याशी सतवीर नागर के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया. जिलाध्यक्ष लखमी सिंह ने बताया कि यह निर्णय शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर लिया गया है. पार्टी का मानना है कि संगठन की नीतियों और अनुशासन से समझौता नहीं किया जा सकता.
कई बार दी गई थी चेतावनी
पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार सतवीर नागर को पहले भी कई बार चेतावनी दी गई थी. उनसे संगठन के प्रति सक्रियता और जिम्मेदारी निभाने को कहा गया था. बावजूद इसके उनके व्यवहार में अपेक्षित बदलाव नहीं देखा गया. इसी कारण अंततः नेतृत्व ने कड़ा फैसला लेने का निर्णय किया.
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चुनावी बैठक से दूरी बनी वजह
हाल ही में आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठकों में उनकी अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी रही. पार्टी नेताओं का कहना है कि महत्वपूर्ण बैठकों में उनकी सहभागिता नहीं दिखी. जब इस संबंध में उनसे बातचीत की गई तो उन्होंने केवल इतना कहा कि नेतृत्व स्तर पर चर्चा जारी है और बाद में स्थिति स्पष्ट करेंगे.
गौतमबुद्ध नगर से लड़ चुके हैं चुनाव
सतवीर नागर को वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा ने गौतमबुद्ध नगर सीट से उम्मीदवार बनाया था. चुनाव में उन्हें पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक और संगठनात्मक समर्थन का लाभ मिला था. वह मुकाबले में दूसरे स्थान पर रहे थे और क्षेत्र में पार्टी के प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे.
2019 से संगठन में निभा रहे थे भूमिका
सतवीर नागर का बसपा के साथ राजनीतिक सफर कई वर्षों पुराना रहा है. वर्ष 2019 में उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पार्टी की ओर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी. संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका के कारण उन्हें लोकसभा क्षेत्र का प्रभारी भी बनाया गया था. हालांकि अब पार्टी ने उनके साथ अपने संबंध समाप्त कर दिए हैं.