UP News: लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में अपने बेहद खराब प्रदर्शन को लेकर बीजेपी में मंथन शुरू हो गया है. 2019 में 62 सीटों पर जीतने वाली भाजपा इस बार मात्र 33 सीटों पर ही सिमट गई. उसका वोट शेयर भी 49.98% से गिरकर 41.37% रह गया.
प्रधानमंत्री मोदी वाराणसी से इस बार मात्र डेढ़ लाख वोटों से ही चुनाव जीत सके. लखनऊ से राजनाथ सिंह की जीत के मार्जिन में भी 2019 के मुकाबले गिरावट दर्ज हुई. उत्तर प्रदेश में पार्टी का ऐसा हश्र क्यों हुआ? इसके कारणों का पता लगाने के लिए बीजेपी ने अपने वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी सौंप दी है. इन नेताओं को हर एक लोकसभा क्षेत्र में जाने और हार के कारणों का पता लगाने को कहा गया है. इन नेताओं को 25 जून तक अपनी रिव्यू रिपोर्ट पार्टी को सौंपनी है.
जमीनी दौरों के दौरान भाजपा नेता मंडल इकाई के नेताओं, जिला पदाधिकारियों, पार्टी के निर्वाचित जन प्रतिनिधियों और उम्मीदवारों से इन बिंदुओं पर फीडबैक एकत्र करेंगे. इसके अलावा भाजपा नेता यह भी जानकारी एकत्र करेंगे कि विपक्षी उम्मीदवारों ने क्या किया मसलन उन्होंने कैसे प्रचार किया और उनके पास क्या संसाधन थे.
यूपी में 2027 में विधानसभा का चुनाव
पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि हमें 2027 में यूपी में विधानसभा का चुनाव लड़ना है और इन सवालों के जवाब हमें इस चुनाव में मदद करेंगे. उन्होंने कहा कि यूपी में कानून व्यवस्था ठीक है लेकिन पेपर लीक और बेरोजगारी चिता के विषय हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद सपा उत्साहित है, उन्होंने हमारी रणनीतिक खामियों का फायदा उठाया इसलिए हमें 2027 चुनाव की पहले से ही तैयारी करनी होगी ताकि हम भाजपा से दूर चले गए वोटर को वापस ला सकें.