Bahraich Crocodile Attack: सावधान! बहराइच में मगरमच्छ का लगातार तीसरा हमला, 14 साल के बच्चे को बनाया शिकार, वन विभाग ने दी ये चेतावनी

बहराइच के अंबा गांव में मगरमच्छ ने 14 साल के किशोर को पानी में खींचकर मार डाला. दो दिन की तलाश के बाद शव नदी से बरामद हुआ. यह दो हफ्तों में तीसरी घटना है जब किसी इंसान पर मगरमच्छ ने हमला किया. बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण मगरमच्छ बस्तियों के पास पहुंच रहे हैं. वन विभाग ने ग्रामीणों को जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी है.

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Bahraich Crocodile Attack: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में कतर्नियाघाट वन्य प्रभाग के अंबा गांव में मगरमच्छ के हमले से 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई. बच्चा अपनी मां के साथ नदी किनारे चारा लेने गया था, तभी मगरमच्छ ने अचानक हमला कर उसे पानी में खींच लिया. दो दिनों तक चले खोज अभियान के बाद शुक्रवार को उसका शव नदी से बरामद किया गया.

स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मृतक किशोर अनिल अपनी मां के साथ हल्दी के खेत के पास चारा लेने पहुंचा था. इसी दौरान गेरुआ नदी से एक मगरमच्छ निकला और अनिल को जबड़े में दबोचकर गहराई में खींच गया. ग्रामीणों ने शोर मचाकर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन मगरमच्छ बच्चे को पानी के अंदर ले गया.

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटना की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मोटरबोट व गोताखोरों की मदद से खोज अभियान शुरू किया. शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे किशोर का शव नदी में मिला, जिसे बाहर निकाला गया. डीएफओ सूरज ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे.

मगरमच्छ के हमले की तीसरी वारदात

यह घटना पिछले दो हफ्तों में मगरमच्छ के हमले की तीसरी वारदात है. 17 अगस्त को खैरिघाट इलाके में सात फीट लंबे मगरमच्छ ने पांच साल के बच्चे पर हमला किया था, हालांकि उसकी मां ने लोहे की रॉड से वार कर बेटे को बचा लिया. वहीं, अगले दिन मोतीपुर इलाके में नहर पार कर रहे 45 वर्षीय व्यक्ति पर भी मगरमच्छ ने हमला किया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया.

नहरों और तालाबों का बढ़ा जलस्तर 

वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाल में हुई भारी बारिश से नदियों, नहरों और तालाबों का जलस्तर बढ़ गया है. इसी वजह से मगरमच्छ आबादी वाले इलाकों के करीब आ रहे हैं और हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं. विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदियों और जलाशयों के किनारे जाने से परहेज करें.

ग्रामीणों में दहशत का माहौल

बहराइच का यह इलाका पहले भी जंगली जानवरों के हमलों का शिकार हो चुका है. भेड़िए, तेंदुए और हाथियों के हमले की घटनाएं यहां पहले भी दर्ज की जा चुकी हैं. मगरमच्छ के लगातार बढ़ते हमलों ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है और प्रशासन के लिए यह बड़ी चुनौती बन गया है.