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Ayodhya Sawan Jhula Mela: रामनगरी में आज से झूलनोत्सव की धूम, राम सीता के झूला विहार से शुरू होगा सावन मेला

अयोध्या में शनिवार से सावन झूला मेला शुरू हो रहा है. 15 से 28 अगस्त तक चलने वाले इस उत्सव में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. मणिपर्वत पर भगवान राम और सीता का झूला विहार होगा, जबकि राम मंदिर में भी श्रद्धालु भगवान को झूला झुला सकेंगे.

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Babli Rautela

रामनगरी अयोध्या में शनिवार से सावन झूला मेले की शुरुआत होने जा रही है. सावन शुक्ल तृतीया से शुरू होने वाला यह धार्मिक उत्सव 28 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान अयोध्या के मंदिरों में झूलनोत्सव की खास छटा देखने को मिलेगी. सावन झूला मेला अयोध्या के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है. इस दौरान देश के अलग अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामनगरी पहुंचते हैं. इस बार प्रशासन को 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है.

मेले के पहले दिन मणिपर्वत पर विशेष आयोजन किया जाएगा. अयोध्या धाम के अलग अलग मंदिरों से 11 झांकियां विभिन्न रास्तों से होते हुए मणिपर्वत पहुंचेंगी. यहां भगवान राम और माता सीता का झूला विहार कराया जाएगा. धार्मिक परंपरा के अनुसार सावन के दौरान भगवान को झूला झुलाने की परंपरा अयोध्या में लंबे समय से चली आ रही है. मणिपर्वत मेले को एक जोन और पांच सेक्टर में बांटा गया है. वहीं पूरे मेला क्षेत्र को छह जोन और 29 सेक्टर में विभाजित किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जा सके.

राम मंदिर में भी शुरू होगा झूलनोत्सव

इस बार राम मंदिर में भी सावन झूला मेले की खास झलक देखने को मिलेगी. शनिवार से राम मंदिर में झूलनोत्सव शुरू किया जाएगा. महोत्सव के व्यवस्थापक आचार्य इंद्रदेव मिश्र के अनुसार अयोध्या की परंपरा के अनुसार भगवान झूला बिहारी का झूलन विहार कराया जाएगा. सुरक्षा कारणों को देखते हुए इस बार भगवान को मणिपर्वत के बजाय कुबेर नवरत्न टीला पर ले जाकर झूला विहार कराने की व्यवस्था की गई है. बताया गया है कि यहां पेड़ की डाल पर पहली बार झूला लगाया गया है. इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है. खास बात यह है कि आम श्रद्धालु भी भगवान को झूला झुला सकेंगे.


प्रमुख मंदिरों में दिखेगी उत्सव की रौनक

अयोध्या में पांच हजार से अधिक छोटे बड़े मंदिर हैं. सावन झूला मेले के दौरान प्रमुख मंदिरों में धार्मिक आयोजन और झूलनोत्सव का माहौल देखने को मिलेगा. श्री राम जन्मभूमि, कनक भवन, राजा दशरथ जी का महल, अशर्फी भवन, राम वल्लभा कुंज, रंग महल, जानकी महल, राज सदन, रूप कला कुंज और मणिराम दास जी की छावनी समेत कई मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है. मेले के दौरान मंदिरों में भगवान के विभिन्न स्वरूपों को झूले पर विराजमान कराया जाएगा. श्रद्धालु दर्शन के साथ इस धार्मिक परंपरा का हिस्सा बनेंगे.

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अयोध्या पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा की व्यापक तैयारी की है. मेला क्षेत्र में पीएसी की 10 कंपनियां तैनात की गई हैं. इसके अलावा आरएएफ की दो कंपनियां, एटीएस कमांडो की एक टीम और एसडीआरएफ की दो टीमें भी उपलब्ध रहेंगी. सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षक, उपनिरीक्षक और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. महिला पुलिसकर्मियों को भी अलग अलग स्थानों पर ड्यूटी दी गई है.