राम मंदिर चढ़ावा विवाद में बड़ा एक्शन, जांच के लिए योगी सरकार ने बनाई SIT; कर्मचारी के घर मिले 10 लाख

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के आरोपों के बाद मामला गंभीर हो गया है. सरकार ने तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की है, जबकि एक कर्मचारी के घर से 10 लाख रुपए बरामद हुए हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम को लेकर उठे सवालों ने नया मोड़ ले लिया है. मंदिर ट्रस्ट द्वारा मामले की गहन जांच की मांग किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन कर दिया है. इसी बीच मंदिर से जुड़े एक कर्मचारी के घर से 10 लाख रुपए मिलने की खबर ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है. जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, दान व्यवस्था और कथित अनियमितताओं के सभी पहलुओं की पड़ताल में जुट गई हैं.

राम मंदिर ट्रस्ट ने कथित गड़बड़ी और चोरी के दावों की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री से एसआईटी गठित करने की मांग की थी. इसके बाद शासन ने तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया. जांच दल को सात दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव भी मांगे गए हैं.

तीन विशेषज्ञों को सौंपी गई जिम्मेदारी

एसआईटी में प्रशासन, पुलिस और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है. लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत इसकी अगुवाई करेंगे. आईजी रेंज किरन एस. अपराध संबंधी पहलुओं की जांच करेंगे, जबकि वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन दान, लेखा और वित्तीय रिकॉर्ड की समीक्षा करेंगे. टीम सभी तथ्यों को एक साथ जोड़कर रिपोर्ट तैयार करेगी.


कर्मचारी के घर से मिले 10 लाख रुपए

जांच के दौरान मंदिर कर्मचारी लवकुश मिश्रा के घर से 10 लाख रुपए बरामद किए गए हैं. जानकारी के अनुसार कुछ रकम आलमारी और बक्से में रखी गई थी, जबकि कुछ पैसे गोबर में दबाकर छिपाए गए थे. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह धनराशि किसकी है. अधिकारियों ने इस बरामदगी को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना है.

परिवार और गांव में चर्चा का विषय

लवकुश के पिता बच्चूलाल ने भी घर से रकम मिलने की पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि उनका बेटा कुछ महीनों से मंदिर में काम कर रहा था और जांच के दौरान अधिकारियों ने घर की तलाशी ली. गांव के लोगों का कहना है कि हाल के महीनों में लवकुश की आर्थिक स्थिति में तेजी से बदलाव देखा गया था, जिससे चर्चा का माहौल बना हुआ है.

जांच के दायरे में पूरा वित्तीय तंत्र

सूत्रों के अनुसार लवकुश मंदिर में चढ़ावे की रकम गिनने से जुड़े कार्यों में शामिल था. वहीं उसके एक रिश्तेदार की भी मंदिर में नौकरी रही है. जांच एजेंसियां अब यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि पूरे मामले में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता हुई या नहीं. एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है.