राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद बड़ा बदलाव, वीआईपी पास पर रोक; सुरक्षा और दान व्यवस्था हुई सख्त

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद ट्रस्ट ने सुरक्षा और दान व्यवस्था में कई बड़े बदलाव किए हैं. फिलहाल वीआईपी पास जारी करने की प्रक्रिया रोक दी गई है. मंदिर परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा, नए सीसीटीवी कैमरे और दान गणना के लिए सख्त नियम लागू किए गए हैं.

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Babli Rautela

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं. फिलहाल वीआईपी पास जारी करने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी गई है. इसके साथ ही मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ाने, दान की गणना और बैंकिंग प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया गया है.

फिलहाल बंद हुई वीआईपी पास की व्यवस्था

ट्रस्ट कार्यालय के प्रभारी के अनुसार जिन अधिकारियों की पहचान के आधार पर वीआईपी पास जारी किए जाते थे, उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इसी कारण फिलहाल नई वीआईपी पास व्यवस्था प्रभावित हुई है. उन्होंने बताया कि गोपाल राव भी इस समय सक्रिय रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं. हालांकि ट्रस्ट के ट्रस्टी दिनेन्द्र दास के पास आवश्यक प्रशासनिक अधिकार मौजूद हैं. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि अभी तक ट्रस्ट की बैठक में इन इस्तीफों को औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है. इसलिए तकनीकी रूप से संबंधित अधिकारियों के अधिकार अभी भी समाप्त नहीं हुए हैं.

पहले नहीं थी वीआईपी पास की कोई सीमा

ट्रस्ट कार्यालय के अनुसार पहले जरूरत के अनुसार वीआईपी पास जारी किए जाते थे और इनकी कोई तय सीमा नहीं थी. आवश्यकता पड़ने पर 100 या उससे अधिक पास भी जारी किए जा सकते थे. अब इस पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जा रही है.


चढ़ावा चोरी की घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा को और सख्त कर दिया गया है. ट्रस्ट ने विभिन्न स्थानों पर रिटायर्ड सैनिकों की तैनाती की है. इसके अलावा दान पेटियों से गणना केंद्र तक नकदी पहुंचाने के लिए 27 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों को लगाया गया है. गणनास्थल की निगरानी के लिए 13 नए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. नई व्यवस्था के तहत दान राशि की गणना के दौरान कुल 43 अधिकृत लोग ही मौजूद रहेंगे.

पुलिस बल की भी बढ़ाई गई तैनाती

दान पेटियों और गणना केंद्र के बीच सुरक्षा बढ़ाने के लिए अलग अलग स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है. पिलर नंबर 34 के पास, जहां गुप्त दान पेटी रखी जाती है, वहां तीन अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है. अयोध्या में नव नियुक्त एसपी सुरक्षा विजय शंकर मिश्रा ने पूरे सुरक्षा तंत्र की जिम्मेदारी संभाल ली है और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा रही है.

दान गणना और बैंकिंग व्यवस्था में भी बदलाव

ट्रस्ट ने बैंकिंग प्रक्रिया में भी नए नियम लागू किए हैं. अब किसी भी बैंक लेनदेन के लिए अंतरिम महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन, मुख्य अभियंता जगदीश आफले और चार्टर्ड अकाउंटेंट चंदन राय के संयुक्त हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे.

इसके साथ ही दान राशि की गणना करने वाले कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली निर्धारित ड्रेस पहनना जरूरी कर दिया गया है. पूरी गणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है ताकि पारदर्शिता बनी रहे.