कन्नौज में नहीं जुटी भीड़... PDA सम्मेलन में खाली रहीं कुर्सियां, अखिलेश यादव ने भंग कर दी पूरी सपा जिला इकाई

कन्नौज में समाजवादी पार्टी के PDA कार्यकर्ता सम्मेलन में कम संख्या में कार्यकर्ताओं के पहुंचने और खाली कुर्सियों का वीडियो वायरल होने के बाद सपा ने कन्नौज की पूरी जिला इकाई भंग कर दी.

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Km Jaya

कन्नौज में समाजवादी पार्टी के PDA कार्यकर्ता सम्मेलन में खाली कुर्सियों का वीडियो सामने आने के बाद पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई. कार्यक्रम में अपेक्षित संख्या में कार्यकर्ताओं के नहीं पहुंचने के बाद समाजवादी पार्टी ने कन्नौज की पूरी जिला इकाई भंग कर दी है. इसके साथ ही जिले में अलग-अलग संगठनात्मक पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं को भी पदमुक्त कर दिया गया है. इस कार्रवाई को पार्टी संगठन में अनुशासन और सक्रियता को लेकर अखिलेश यादव के कड़े संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.

दरअसल, समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल की ओर से कन्नौज में PDA कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया था. कार्यक्रम पार्टी कार्यालय में रखा गया था. इसके लिए मंच तैयार किया गया और बड़ी संख्या में कुर्सियां लगाई गईं. लेकिन कार्यक्रम के दौरान मंच के सामने कई कुर्सियां खाली दिखाई दीं. कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आ गया.

पार्टी के भीतर भी इसको लेकर चर्चा शुरू

वीडियो में जिले के कई नेता और पदाधिकारी मंच पर बैठे नजर आए, जबकि उनके सामने कार्यकर्ताओं की संख्या काफी कम दिखाई दी. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पार्टी के भीतर भी इसको लेकर चर्चा शुरू हो गई. कन्नौज समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. अखिलेश यादव वर्तमान में कन्नौज से सांसद हैं, जबकि डिंपल यादव भी यहां से सांसद रह चुकी हैं.


कन्नौज में सम्मेलन में कम भीड़ को पार्टी के लिए इसलिए भी झटका माना गया क्योंकि समाजवादी पार्टी लंबे समय से बीजेपी की सभाओं में खाली कुर्सियों को लेकर सवाल उठाती रही है. ऐसे में अपने ही मजबूत माने जाने वाले इलाके में आयोजित कार्यक्रम में कम कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने पार्टी को असहज किया.

इकाई को भंग करने का फैसला क्यों लिया गया फैसला?

पार्टी के भीतर इस बात को लेकर भी चर्चा है कि कन्नौज के कई स्थानीय नेता सीधे अखिलेश यादव के संपर्क में रहने को अधिक महत्व देते हैं. ऐसे में प्रदेश अध्यक्ष की ओर से आयोजित कार्यक्रम को स्थानीय स्तर पर अपेक्षित गंभीरता नहीं मिलने की बात सामने आई. पार्टी नेतृत्व ने इसे संगठनात्मक कमजोरी के तौर पर लिया और पूरी जिला इकाई को भंग करने का फैसला किया.

बीजेपी नेताओं ने निशाना साधा

इस कार्रवाई के बाद बीजेपी नेताओं ने भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. बीजेपी की ओर से कन्नौज में PDA सम्मेलन की खाली कुर्सियों वाले वीडियो को लेकर सवाल उठाए गए और दावा किया गया कि PDA को लेकर समाजवादी पार्टी के दावे जमीनी स्तर पर कमजोर हैं. हालांकि, खाली कुर्सियों को लेकर पार्टी की ओर से अलग-अलग स्थानीय कारणों पर क्या स्पष्टीकरण दिया गया, यह भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है.

कन्नौज से पहले समाजवादी पार्टी एटा, कासगंज और गोरखपुर में भी संगठनात्मक कार्रवाई कर चुकी है. एटा और कासगंज में संगठन से जुड़े विवादों के बाद दोनों जिलों की इकाइयों को भंग किया गया था. वहीं गोरखपुर में पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान दो नेताओं के बीच मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद जिला इकाई पर कार्रवाई हुई थी.

लगातार जिला इकाइयों पर कार्रवाई के जरिए अखिलेश यादव संगठन में अनुशासन और पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकता को लेकर स्पष्ट संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं. कन्नौज की कार्रवाई को भी इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है. पार्टी के लिए अब चुनौती यह है कि नई जिला इकाई के गठन के बाद स्थानीय संगठन को कितना सक्रिय और मजबूत बनाया जा सकता है.