यूपी में प्रॉपर्टी दिलाने के नाम पर 30 करोड़ की ठगी, कब्जा मांगने पर सामने आया बिल्डरों का फर्जीवाड़ा
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में प्रॉपर्टी दिलाने का झांसा देकर करीब 29.41 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है.
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन में प्रॉपर्टी खरीदने वाले दर्जनों लोगों के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. खरीदारों का आरोप है कि बिल्डर कंपनियों ने फ्लैट और दुकानों का वादा कर करोड़ों रुपये ले लिए. अब कब्जा देने से इनकार किया जा रहा है.
प्रॉपर्टी के नाम पर करोड़ों रुपये लेने का आरोप
राजनगर एक्सटेंशन में मेसर्स एएसआर रियलटेक लिमिटेड और मेसर्स राइट अर्थ इंफ्रा एलएलपी पर करीब 29.41 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है. शिकायत के अनुसार 39 से अधिक खरीदारों ने इन परियोजनाओं में निवेश किया था. कंपनियों ने 'एएसआर सेंट्रल एवेन्यू' और 'मक्कर प्रथम' प्रोजेक्ट के नाम पर लोगों को आकर्षित किया और बुकिंग के लिए बड़ी रकम जमा कराई. शिकायतकर्ता संजय गर्ग और उनकी पत्नी ने ही अलग-अलग माध्यमों से करीब 1.17 करोड़ रुपये कंपनी के बताए खातों में जमा किए. पीड़ितों का कहना है कि भुगतान के बाद भी उन्हें न फ्लैट मिला और न ही दुकान का कब्जा दिया गया.
कब्जा मांगने पर सामने आई पूरी सच्चाई
खरीदारों का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी संपत्ति का कब्जा मांगा, तो बिल्डर कंपनियों ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया. कंपनी के मुख्य सेल्स पार्टनर दीपक शर्मा उर्फ नितिन शर्मा के गायब होने की बात कही गई और पूरा दोष उसी पर डालने की कोशिश की गई. पीड़ितों का कहना है कि रकम सीधे कंपनी के अधिकृत बैंक खातों में भेजी गई थी, इसलिए जिम्मेदारी से बचना सही नहीं है. इस मामले में नंदग्राम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है.
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फर्जी खातों और दस्तावेजों का भी आरोप
शिकायतकर्ताओं ने दावा किया है कि धोखाधड़ी को अंजाम देने के लिए अलग-अलग नामों से बैंक खाते खोले गए. इतना ही नहीं, फर्जी आधार कार्ड और कंपनी की मोहर वाले दस्तावेज भी इस्तेमाल किए गए. अब कंपनियां उन्हीं दस्तावेजों को मानने से इनकार कर रही हैं. पीड़ितों ने आर्थिक अपराध शाखा से पूरे मामले की गहराई से जांच कराने की मांग की है. साथ ही अदालत और प्रशासन से कंपनियों के बैंक खाते फ्रीज करने और संपत्तियां कुर्क कर निवेशकों का पैसा सुरक्षित कराने की अपील की है. पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.