चना बेचने वाले के बेटे ने रच दिया इतिहास! दोस्तों ने जुटाई फीस, अब बना RPF दरोगा
हमीरपुर के गोहांड निवासी शिवम ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद आरपीएफ में सब इंस्पेक्टर का पद हासिल किया है. परिवार, शिक्षकों और दोस्तों के सहयोग से मिली इस सफलता ने पूरे इलाके में खुशी का माहौल बना दिया.
कड़ी मेहनत, मजबूत इरादे और लगातार संघर्ष किसी भी सपने को हकीकत में बदल सकते हैं. इसका ताजा उदाहरण हमीरपुर के शिवम हैं, जिन्होंने आर्थिक तंगी के बावजूद हार नहीं मानी और आरपीएफ में सब इंस्पेक्टर बनकर अपने माता-पिता के साथ पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया.
संघर्षों से भरा सफर
गोहांड कस्बे के सुभाष नगर निवासी शिवम एक साधारण परिवार से आते हैं. उनके पिता रामभरत लाक्षाकार चने का ठेला लगाकर परिवार चलाते हैं, जबकि मां गीता देवी छोटी जनरल स्टोर की दुकान संभालती हैं. सीमित आय के बावजूद माता-पिता ने बेटे की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी. शिवम ने गोहांड से स्कूली शिक्षा पूरी की और उरई से बीए करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की.
रात की नौकरी, सुबह की पढ़ाई
बेहतर भविष्य की तलाश में शिवम कानपुर पहुंचे. यहां उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए रात में लाइब्रेरी में काम किया और दिन में पढ़ाई की. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान रखा. लगातार मेहनत और अनुशासन के दम पर उन्होंने आरपीएफ सब इंस्पेक्टर परीक्षा में सफलता हासिल कर ली.
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दोस्तों और शिक्षकों का मिला साथ
शिवम की आर्थिक परेशानी जानने के बाद उनके शिक्षकों विकास पाठक और क्रमांक दीक्षित ने उनसे कोचिंग फीस नहीं ली. वहीं दोस्तों ने भी चंदा जुटाकर उनकी पढ़ाई में मदद की. सफलता मिलने के बाद परिवार की आंखें खुशी से भर आईं. शिवम अब लखनऊ स्थित जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी में प्रशिक्षण लेने जाएंगे और उन्होंने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को दिया है.