राजस्थान के उदयपुर जिले के भींडर थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह सरकारी स्कूल की कक्षा में बड़ा हादसा हो गया. करीब 11 बजे पढ़ाई के दौरान छत का प्लास्टर अचानक तेज आवाज के साथ नीचे गिर पड़ा. उस समय कमरे में 32 बच्चे मौजूद थे. हादसे के बाद स्कूल में अफरा-तफरी मच गई.
मलबे की चपेट में आने से पहली कक्षा की छात्रा कृष्णा कुमारी, कार्तिक और पांचवीं कक्षा के छात्र गणेशलाल के सिर में चोट आई. उन्हें तत्काल भींडर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया. उपचार के बाद तीनों बच्चों को घर भेज दिया गया. दो अन्य बच्चों को मामूली चोट लगने की जानकारी सामने आई है.
हादसे के बाद शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के निर्देश पर स्कूल भवन को एहतियातन बंद कर दिया गया है. अब स्कूल का संचालन माताजी के चबूतरे के पास दूसरी जगह से किया जाएगा. अधिकारियों ने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया है.
प्रधानाध्यापक लालसिंह शक्तावत के अनुसार, यह स्कूल पांचवीं कक्षा तक संचालित होता है और यहां कुल 37 बच्चे पढ़ते हैं. उनके मुताबिक, जर्जर भवन की स्थिति के बारे में शिक्षा विभाग को पहले ही सूचना दी जा चुकी थी. स्कूल की इमारत वर्ष 2001 में बनी थी.
ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल भवन लंबे समय से जर्जर हालत में है और शिकायतों के बावजूद समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई. स्कूल में दो कमरे और एक बरामदा है, जिनकी स्थिति भी खराब बताई जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर पूरी छत गिरती तो हादसा कहीं अधिक गंभीर हो सकता था.
घटना की जानकारी मिलते ही सीबीईओ भींडर राजेंद्र कुमार चौबीसा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. वहीं, सीपीआईजी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी और स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए. रांका ने ट्वीट कर कहा, 'मदन दिलावर, अपने दिन गिनने शुरू कर दो। अगर तुम्हे लगता है कि हमारे बच्चे ऐसे मरते रहेंगे और तुम अपनी गद्दी पर ऐसे विराजे रहोगे तो यह तुम्हारी सबसे बड़ी भूल है!'
मदन दिलावर, अपने दिन गिनने शुरू कर दो। अगर तुम्हे लगता है कि हमारे बच्चे ऐसे मरते रहेंगे और तुम अपनी गद्दी पर ऐसे विराजे रहोगे तो यह तुम्हारी सबसे बड़ी भूल है! https://t.co/276bpgurzW
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) October 6, 2026