राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 91 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. इस बरामदगी के साथ ही लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक बड़े रंगदारी नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क राजस्थान से लेकर पंजाब तक फैला हुआ था और लंबे समय से कारोबारियों से वसूली कर रहा था.
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में नकदी एक कार से ले जाई जा रही है. इसके आधार पर 29 दिसंबर की रात श्रीविजयनगर रोड पर एक कार को रोका गया. तलाशी के दौरान कार से तीन बैग मिले, जिनमें कुल 91 लाख रुपये नकद थे. कार में सवार लोग इतनी बड़ी रकम ले जाने का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए.
इस मामले में पुलिस ने कुलदीप कुमार (50), अमन कुमार (20), रामस्वरूप (38) और मनीष बिश्नोई को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि दो और आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द हो सकती है. पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आईं, जिसके बाद श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जोधपुर और बीकानेर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जांच में शामिल हो गए.
एसपी अमृता दुहान के अनुसार, यह पहली बार है जब राजस्थान पुलिस लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक सीधे पैसे की कड़ी जोड़ने में सफल हुई है. पूछताछ में पता चला कि यह रकम जोधपुर से होते हुए श्रीगंगानगर और फिर पंजाब भेजी जा रही थी. आरोपी केवल ले जाने का काम कर रहे थे.
पुलिस के मुताबिक, गैंग के कुछ सदस्य विदेश से भी ऑपरेट कर रहे थे. कारोबारी लोगों को धमकाकर करोड़ों रुपये की वसूली की जाती थी. इस पैसे को ट्रांसफर करने के लिए USDT क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया जाता था, जिसे बाद में नकद में बदला जाता था.
जांच में यह भी सामने आया है कि कई लोगों के नाम पर बिना जानकारी के बैंक खाते खुलवाए गए, जिन्हें म्यूल अकाउंट कहा जाता है. इन्हीं खातों के जरिए क्रिप्टो लेनदेन किया गया.
पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां और बरामदगी हो सकती हैं. आयकर विभाग समेत अन्य एजेंसियां भी इस जांच में शामिल हो सकती हैं. इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है.