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13 साल के बेटे को थी मोबाइल पर गेम खेलने की लत, पिता ने रोका तो कर ली खुदकुशी

राजस्थान के धौलपुर जिले में मोबाइल गेम खेलने पर पिता की डांट से नाराज 13 वर्षीय बच्चे ने फांसी लगाकर जान दे दी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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Edited By: Kuldeep Sharma
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Courtesy: social media

धौलपुर: राजस्थान के धौलपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सिर्फ 13 साल के बच्चे ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी. क्लास 8 में पढ़ने वाला यह बच्चा मोबाइल गेम खेलने का शौकीन था.

बुधवार की शाम पिता ने उसे डांटा तो वह नाराज होकर कमरे में चला गया. कुछ देर बाद जब परिवार ने दरवाजा खोला तो वह फंदे से लटका मिला. यह घटना न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव के लिए सदमे जैसी है. 

पिता की डांट के बाद कमरे में गया किशोर

घटना बुधवार शाम कुरेंद्र गांव की है. पुलिस के अनुसार, 13 वर्षीय विष्णु मोबाइल गेम खेलने में काफी समय बिताता था. पिता ने उसे गेम छोड़कर पढ़ाई करने की सलाह दी और डांटा. इससे नाराज होकर विष्णु कमरे में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया. परिवार को लगा वह नाराज है, लेकिन जब देर रात तक वह बाहर नहीं आया तो सभी चिंतित हो गए.

दरवाजा तोड़कर देखा तो मिली दर्दनाक तस्वीर

परिवार ने पहले उसे आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया तो जो दृश्य सामने आया, उसने सबको स्तब्ध कर दिया. विष्णु पंखे से फंदा लगाकर झूल चुका था. घर में मातम पसर गया. परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. प्रारंभिक जांच में पता चला कि विष्णु ने पिता की डांट से आहत होकर आत्महत्या की. पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं.

मोबाइल गेम की लत बन रही खतरा

हाल के वर्षों में मोबाइल गेम्स की लत बच्चों में तेजी से बढ़ी है. कई मामलों में यह तनाव, गुस्सा और आत्महत्या जैसी घटनाओं का कारण बन चुकी है. विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को बच्चों के गेमिंग समय को समझदारी से सीमित करना चाहिए, ताकि ऐसे हादसे टाले जा सकें.

गांव में पसरा मातम, सदमे में परिवार

विष्णु की मौत से कुरेंद्र गांव में शोक का माहौल है. पड़ोसी और रिश्तेदार लगातार परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं. विष्णु को एक होनहार और शांत स्वभाव का छात्र बताया जा रहा है. पिता का कहना है कि उन्होंने सिर्फ समझाने के लिए डांटा था, लेकिन बेटे ने ऐसा कदम उठा लिया- यह किसी ने सोचा भी नहीं था.