राजस्थान विधानसभा में UCC विधेयक पेश, शादी से लेकर लिव-इन तक बदलेंगे नियम

राजस्थान विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया गया है. 309 पन्नों और 403 धाराओं वाले विधेयक में विवाह, तलाक, संपत्ति, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए समान नियमों का प्रस्ताव है.

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Km Jaya

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को हंगामे और नारेबाजी के बीच समान नागरिक संहिता यानी UCC विधेयक पेश किया गया. संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने 309 पन्नों और 403 धाराओं वाले इस विधेयक को सदन में रखा. विधेयक पेश होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया. इसके बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.

प्रस्तावित कानून में सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, संपत्ति, विरासत और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों में समान कानूनी प्रावधान करने की बात कही गई है.

बहुविवाह पर रोक का प्रावधान

विधेयक में बहुविवाह पर रोक लगाने का प्रावधान किया गया है. इसके अनुसार, किसी व्यक्ति का जीवनसाथी जीवित होने की स्थिति में वह दूसरा विवाह नहीं कर सकेगा.


विवाह के लिए पुरुषों की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और महिलाओं की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष रखने का प्रावधान किया गया है. विवाह होने के 60 दिनों के भीतर उसका पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा. पंजीकरण नहीं कराने पर 10 हजार रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है.

धार्मिक रीति रिवाज से शादी की अनुमति

प्रस्तावित UCC में विवाह को धार्मिक या मान्य प्रथागत रीति रिवाजों के अनुसार करने की अनुमति दी गई है. हालांकि, शादी का पंजीकरण अनिवार्य रखा गया है. यानी अलग अलग धर्मों और समुदायों में प्रचलित वैध रीति रिवाजों से विवाह होने के बावजूद उसका कानूनी पंजीकरण जरूरी होगा.

लिव-इन रिलेशनशिप का भी होगा रजिस्ट्रेशन

विधेयक में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं. इसके तहत लिव-इन में रहने वाले जोड़ों के लिए संबंध का पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा.

विधेयक के अनुसार, लिव-इन रिलेशनशिप से जन्म लेने वाले बच्चों को दंपति की वैध संतान माना जाएगा. सरकार का कहना है कि ऐसे प्रावधानों का उद्देश्य विवाह, परिवार और बच्चों से जुड़े कानूनी अधिकारों को स्पष्ट करना है.

कांग्रेस ने किया विरोध

विधेयक पेश किए जाने के दौरान विधानसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई. कांग्रेस विधायकों ने इसका विरोध करते हुए सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया. इसके बाद सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई. इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में UCC विधेयक को मंजूरी दी गई थी.

मुस्लिम संगठनों ने भी जताया विरोध

विधेयक के विरोध में मुस्लिम समाज के लोगों ने जयपुर में धर्मसभा का आयोजन किया. सभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा की ओर कूच करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया.

इसके बाद मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. मोतीडूंगरी स्थित मुस्लिम मुसाफिर खाने में हुई धर्मसभा में वक्ताओं ने प्रस्तावित कानून के कई प्रावधानों को लेकर आपत्ति जताई.