रीवा में 10 साल बाद फिर बाढ़ का कहर, 187 मिमी बारिश ने मचाई तबाही; राहत शिविरों में 2200 लोग ने ली शरण

रीवा में 24 घंटे की मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. 50 गांवों का संपर्क टूटा है और 2200 से ज्यादा लोग राहत शिविरों में पहुंचे हैं.

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Meenu Singh

मध्य प्रदेश के रीवा जिले में लगातार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. पिछले 24 घंटों में 187 मिलीमीटर से ज्यादा पानी गिरा, जिससे नदियां और नाले उफान पर आ गए. कई इलाकों में सड़क संपर्क टूट गया है और निचले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है. मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है.

जलाशयों के गेट खोलकर छोड़ा जा रहा पानी

तेज बारिश के बाद जिले के कई जलाशयों में पानी तेजी से बढ़ा है. बाणसागर को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख छोटे-बड़े जलाशय भर चुके हैं. बीहर नदी के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं. वहीं बकिया बराज के 14, मेजा के 5 और अंदवा बांध के 4 गेट से पानी निकाला जा रहा है. रायपुर कर्चुलियान, गुढ़ और त्योंथर में 120-120 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई.

खतरे के निशान से ऊपर पहुंचीं नदियां

तराई इलाके में टमस नदी का जलस्तर पटेहरा में खतरे के निशान से करीब ढाई मीटर ऊपर पहुंच गया है. बेलन नदी के साथ उसकी सहायक नदियां नैना और गोरमा भी खतरे का स्तर पार कर चुकी हैं. पिछले 24 घंटे में बेलन नदी का जलस्तर करीब साढ़े सात फीट बढ़ा है. इस वजह से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें तेजी से बढ़ी हैं.


50 गांवों का सड़क संपर्क टूटा

जलस्तर बढ़ने से तराई क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक पंचायतों के करीब 50 गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है. रीवा और पड़ोसी मऊगंज जिले के 400 से ज्यादा गांव प्रभावित बताए गए हैं. कई कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना भी सामने आई है. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में टीमें भेजकर लोगों को निकालना शुरू किया. अब तक 136 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है.

27 राहत शिविरों में 2200 से ज्यादा लोग

प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए 27 सुरक्षित राहत शिविर बनाए हैं, जहां 2200 से अधिक लोगों को ठहराया गया है. निचले इलाकों से लगातार लोगों को बाहर निकाला जा रहा है. बारिश और जलभराव के कारण कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है. मौसम केंद्र के अनुसार अगले पांच दिनों तक रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है. ऐसे में प्रशासन के सामने राहत और बचाव अभियान जारी रखने की बड़ी चुनौती है.