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सड़क पर घायल को देखकर न भागें, मदद करें और पाएं 25 हजार रुपये; जानिए क्या है राह वीर योजना

सड़क हादसे में घायल व्यक्ति की मदद करने वालों को प्रोत्साहित करने के लिए राह वीर योजना शुरू की गई है. इसके तहत दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के भीतर घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले पात्र व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा.

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Edited By: Babli Rautela
सड़क पर घायल को देखकर न भागें, मदद करें और पाएं 25 हजार रुपये; जानिए क्या है राह वीर योजना
Courtesy: AI

सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति के लिए शुरुआती एक घंटा बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इस दौरान अगर उसे तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल जाए तो उसकी जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए राह वीर योजना शुरू की गई है. योजना के जरिए सरकार लोगों को यह संदेश देना चाहती है कि सड़क पर दुर्घटना देखने के बाद घायल व्यक्ति को अकेला छोड़कर आगे न बढ़ें, बल्कि उसकी मदद के लिए आगे आएं.

योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे के भीतर अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी. मदद करने वाले व्यक्ति की पात्रता का निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन किया जाएगा. पात्र पाए जाने के बाद प्रोत्साहन राशि सीधे उसके बैंक खाते में भेजी जाएगी. इसके अलावा मदद करने वाले व्यक्ति को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा. यानी योजना में आर्थिक मदद के साथ समाज के सामने ऐसे लोगों के अच्छे काम को सम्मान देने की भी व्यवस्था की गई है.

एक साल में पांच बार मिल सकता है सम्मान

राह वीर योजना की एक खास बात यह है कि कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम पांच बार इस सम्मान के लिए चुना जा सकता है. इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति अलग अलग सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करता है और हर मामले में योजना की पात्रता पूरी होती है तो वह एक साल में पांच बार तक इसका लाभ ले सकता है. इस प्रावधान का मकसद उन लोगों को लगातार प्रोत्साहित करना है जो सड़क दुर्घटना के समय दूसरों की जान बचाने के लिए आगे आते हैं.

पुलिस कार्रवाई के डर से पीछे हटते हैं लोग

अक्सर सड़क हादसे के बाद कई लोग घायल व्यक्ति की मदद करने से इसलिए डरते हैं क्योंकि उन्हें पुलिस पूछताछ या कानूनी प्रक्रिया में फंसने की चिंता होती है. इसी झिझक को कम करने की कोशिश भी राह वीर योजना के जरिए की जा रही है. लोगों को यह भरोसा दिलाने का प्रयास है कि घायल की मदद करना एक जिम्मेदार और मानवीय कदम है. स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि अगर हादसे के समय आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद करें तो कई गंभीर घायलों की जान बचाई जा सकती है.

सीएमएचओ ने लोगों से की मदद की अपील

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश चंद मीणा ने लोगों से अपील की है कि सड़क दुर्घटना होने पर घबराएं नहीं और संभव हो तो घायल व्यक्ति को तुरंत नजदीकी अस्पताल या चिकित्सा संस्थान पहुंचाने में मदद करें. उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद कुछ मिनट की देरी भी घायल व्यक्ति के लिए गंभीर साबित हो सकती है. ऐसे समय में समय पर मिलने वाली चिकित्सा सुविधा बेहद महत्वपूर्ण होती है.

राह वीर योजना का उद्देश्य केवल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देना नहीं है. इसके पीछे लोगों में संवेदनशीलता और मानवता की भावना को मजबूत करना भी है. सड़क हादसे के समय अगर लोग तमाशबीन बने रहने के बजाय घायल की मदद के लिए आगे आएं तो कई परिवारों को अपने किसी करीबी को खोने से बचाया जा सकता है. सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अपील है कि सड़क पर किसी हादसे का सामना होने पर लोग डरकर वहां से निकलने के बजाय सुरक्षित तरीके से घायल की मदद करें. किसी की जान बचाने के लिए उठाया गया एक छोटा कदम किसी परिवार के लिए जिंदगी भर की सबसे बड़ी मदद साबित हो सकता है.