पंजाब के तरनतारन जिले में DC कार्यालय से जुड़े करीब 20 अस्थायी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत सामने आई है. पंजाब सरकार ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में कहा है कि इन कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने के लिए जरूरी आदेश दो दिन के भीतर जारी किए जाएंगे. सरकार ने यह भी स्वीकार किया है कि याचिकाकर्ता नियमितीकरण के साथ समान काम के लिए समान वेतन के लाभ के हकदार हैं. अदालत ने सरकार के आश्वासन को दर्ज करते हुए मामले को जल्द सुनवाई के लिए रखा है.
मामला निशान कुमार और अन्य कर्मचारियों की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है. सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल मनिंदरजीत सिंह बेदी अदालत में पेश हुए. उन्होंने सरकार का पक्ष रखते हुए कर्मचारियों की सेवाओं को नियमित करने के संबंध में जल्द आदेश जारी करने की बात कही. सरकार के इस रुख से लंबे समय से नियमितीकरण की उम्मीद लगाए कर्मचारियों को राहत मिली है.
सुनवाई में पंजाब सरकार ने केवल नियमितीकरण की बात नहीं कही, बल्कि याचिकाकर्ताओं को समान काम के लिए समान वेतन का लाभ मिलने की पात्रता भी स्वीकार की. इससे कर्मचारियों के सेवा लाभ से जुड़ा महत्वपूर्ण पक्ष साफ हुआ है. सरकार ने अपना पक्ष सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के पहले दिए गए फैसलों के आधार पर रखा. अब कर्मचारियों की निगाहें आदेश जारी होने की प्रक्रिया पर टिकी हैं.
मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब के वित्त आयुक्त राजस्व अनुराग वर्मा और तरनतारन के उपायुक्त राहुल भी अदालत में मौजूद रहे. सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को सुबह 10 बजे अर्जेंट सूची में रखने का निर्देश दिया. इससे अब इस मामले में जल्द आगे की कार्रवाई होने की उम्मीद बढ़ गई है.
सरकार के आश्वासन के मुताबिक नियमितीकरण से संबंधित आवश्यक आदेश दो दिन के भीतर जारी किए जाने हैं. इसके बाद कर्मचारियों की सेवाओं की स्थिति में बदलाव का रास्ता साफ होगा. समान काम के लिए समान वेतन को लेकर सरकार की स्वीकारोक्ति भी इस मामले का अहम हिस्सा है. अब अगली सुनवाई में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों की स्थिति अदालत के सामने स्पष्ट हो सकती है.