NEET-UG 2026: 650 अंक मिलने की उम्मीद थी, परीक्षा रद्द होने पर मौत को लगा लिया गले; राजस्थान में छात्र ने की खुदकुशी

NEET-UG 2026 पेपर लीक होने के बाद उसे सरकार द्वारा रद्द कर दिया गया है. पेपर रद्द होने के बाद देश भर से दुखद खबरें आ रही हैं. ऐसी ही एक खबर राजस्थान से आ रही है जहां कथित तौर पर एक NEET अभ्यर्थी ने आत्महत्या कर ली है.

social media
Kuldeep Sharma

झुंझुनू: NEET-UG 2026 पेपर लीक होने के बाद पूरे देश में आक्रोश का माहौल है. जहां छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं तो वहीं कुछ छात्र इस टेंशन को झेल नहीं पा रहे हैं. देश के कई राज्यों से ऐसी दुखद खबरें आ रही हैं. ऐसी ही एक खबर राजस्थान के झुंझुनू जिले के गुढ़ा गौडजी इलाके के कनिका की ढाणी गांव से आ रही है. जहां प्रदीप मेघवाल नाम के एक छात्र ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली. मृतक छात्र के परिवार ने बताया कि उसका एग्जाम बहुत अच्छा गया था. और इस बार उसे 650 अंक मिलने की उम्मीद थी. उन्होंने बताया कि एग्जाम रद्द होने के बाद वह बहुत परेशान हो गया था.

सीकर में रहकर कर रहा था तैयारी

जानकारी के अनुसार प्रदीप पिछले तीन साल से सीकर में अपनी दो बहनों के साथ रह रहा था. प्रदीप एक कोचिंग इंस्टीट्यूट में NEET की तैयारी बड़ी मेहनत से दिन रात जगकर कर रहा था. परिवार ने बताया कि उसे उम्मीद थी कि उसकी मेहनत रंग लाएगी और इस बार 650 अंक तक उसे मिलेंगे. लेकिन इससे पहले कि उसके सपने साकार होते एग्जाम ही रद्द कर दिया गया और उसकी तीन साल की मेहनत पर पानी फिर गया. यही सदमा शायद वह झेल नहीं पाया.

बहन के दुपट्टे से लगाई फांसी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक प्रदीप ने अपनी बहन के दुपट्टे से छत पर लगे पंखे पर फंदा बनाया और अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. प्रदीप की छोटी बहन शुक्रवार को जब कोचिंग में थी और उसकी बड़ी बहन बाथरूम में थी तब प्रदीप ने ये कदम उठा लिया. वहीं बहन लौटी तो अपने भाई प्रदीप को पंखे से झूलता हुआ पाया. यह सब देखते ही उसने सबसे पहले कैंची से दुपट्टे को काटा और पुलिस को घटना की सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिवार के साथ प्रदीप को अस्पताल लेकर गई जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

प्रदीप ने बहुत अच्छे से दिया था एग्जाम

प्रदीप के पिता राजेश मेघवाल ने बताया कि 3 मई को हुई नीट परीक्षा में उसने भाग लिया था. उन्होंने ये भी बताया कि उनके बेटे ने परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था और उन्हें उम्मीद थी कि इस बार  बेटा 650 अंक लेकर आएगा. उनके परिवार को पूरा भरोसा था कि इस बार उनके बेटे को मेडीकल सीट मिल जाएगी. लेकिन परीक्षा रद्द होने से पूरी मेहनत पर पानी फिर गया.