जयपुर का जर्जर सरकारी स्कूल ध्वस्त, यहीं हुआ था CJP कार्यकर्ताओं पर हमला; अब बनेगा नया भवन

जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में जर्जर सरकारी स्कूल की इमारत बुधवार को गिरा दी गई. सरकार अब 18 लाख रुपये की लागत से नया भवन बनाएगी. स्कूल पिछले साल असुरक्षित घोषित हुआ था.

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Kanhaiya Kumar Jha

जयपुर: जयपुर के रामपुरा कंवरपुरा गांव में लंबे समय से खराब हालत में पड़ी सरकारी स्कूल की इमारत को बुधवार को गिरा दिया गया. सरकार ने यहां नया भवन बनाने के लिए 18 लाख रुपये मंजूर किए हैं. स्कूल की पुरानी इमारत सितंबर 2025 में असुरक्षित घोषित कर दी गई थी. इसके बाद 18 बच्चों की पढ़ाई गांव वालों की ओर से उपलब्ध कराए गए दो कमरों और टिन शेड में चल रही थी. स्कूल को लेकर हाल में राजनीतिक विवाद भी हुआ था.

यह कार्रवाई कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत 21 अगस्त को किए गए दौरे के बाद सामने आई है. पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ स्कूल परिसर में कथित तौर पर मारपीट हुई थी. घटना में पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका घायल हुए थे. उन्होंने कहा कि स्कूल की स्थिति इतनी खराब थी कि बच्चे भैंसों के तबेले जैसी जगह में पढ़ने को मजबूर थे.

18 लाख रुपये से बनेगा नया भवन

राज्य सरकार के मुताबिक, नए स्कूल भवन के निर्माण के लिए कुल 18 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं. इसमें 12 लाख रुपये जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट से और छह लाख रुपये विधायक निधि से दिए गए हैं. सरकार ने 23 अगस्त को नए भवन के निर्माण के लिए धन उपलब्ध कराने की घोषणा की थी. अब पुरानी इमारत हटने के बाद निर्माण का रास्ता साफ हो गया है.


18 बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा था असर

यह प्राथमिक विद्यालय बगरू विधानसभा क्षेत्र में स्थित है. सितंबर 2025 में इमारत को असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद उसे इस्तेमाल से बाहर कर दिया गया था. तब से स्कूल के 18 विद्यार्थी गांव वालों की ओर से तैयार किए गए अस्थायी इंतजाम में पढ़ रहे थे. दो कमरों और टिन शेड में कक्षाएं चल रही थीं. आसपास भैंसें बांधे जाने के कारण बच्चों के लिए माहौल भी बेहतर नहीं था.

हमले के बाद गरमाई थी राजनीति

21 अगस्त को CJP कार्यकर्ताओं के स्कूल पहुंचने के दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों से विवाद हुआ और कार्यकर्ताओं पर हमला किए जाने का आरोप लगा. इस घटना के बाद राज्य सरकार की भूमिका को लेकर सवाल उठे. आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि निरीक्षण के दौरान पथराव हुआ, महिलाओं के साथ मारपीट की गई और गाड़ियों के शीशे तोड़े गए. पार्टी ने इसे अपने अभियान की जीत बताया.

ग्रामीणों ने फैसले का किया स्वागत

स्थानीय निवासी लालचंद शर्मा ने नई इमारत के फैसले को सकारात्मक कदम बताया. उन्होंने कहा कि असुरक्षित भवन को हटाकर नया स्कूल बनना बच्चों के हित में है. साथ ही उन्होंने स्कूल को राजनीति से दूर रखने की बात कही. ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में हर संभव सहयोग देने का भरोसा जताया है. अब गांव की नजर इस बात पर है कि नया भवन कब तैयार होकर बच्चों को बेहतर पढ़ाई का माहौल देता है.