जयपुर: जयपुर में एक 100 साल पुरानी हवेली की खुदाई के दौरान कथित रूप से खजाना मिलने और उसके गायब होने का मामला सामने आया है. हवेली के मालिक राहुल सेठी ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार और उसके साथ काम करने वाले लोगों ने नींव से निकले सोने और चांदी के कीमती सामान को छिपाकर आपस में बांट लिया. इस मामले में माणक चौक थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है.
मामला जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित विद्याधर का रास्ता इलाके की एक पुरानी हवेली से जुड़ा है. राहुल सेठी के अनुसार करीब छह महीने पहले उन्होंने अपने पूर्वजों की लगभग 100 वर्ष पुरानी जर्जर हवेली को तोड़कर नया निर्माण कराने का फैसला किया था. इसके लिए उन्होंने ठेकेदार महेश मल्होत्रा को निर्माण और तोड़फोड़ का ठेका दिया था.
राहुल सेठी का आरोप है कि हवेली की नींव की खुदाई के दौरान करीब 40 से 45 किलो चांदी की सिल्लियां, सोने के सिक्कों से भरे 14 से 15 कलश और 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के मिले थे. उनका दावा है कि ठेकेदार ने इस खजाने की जानकारी उन्हें नहीं दी और कथित रूप से अपने साथियों के साथ मिलकर उसे आपस में बांट लिया.
शिकायतकर्ता का कहना है कि ठेका देते समय दोनों पक्षों के बीच यह तय हुआ था कि यदि खुदाई के दौरान कोई कीमती वस्तु या पुरानी धरोहर मिलेगी तो उसे हवेली के मालिक को सौंपा जाएगा. लेकिन ऐसा नहीं किया गया. राहुल सेठी ने यह भी दावा किया कि उनके पास दो वीडियो हैं, जिनमें कुछ लोग कथित रूप से खुदाई में खजाना मिलने की बात करते दिखाई दे रहे हैं. पुलिस इन वीडियो की भी जांच कर सकती है.
राहुल सेठी का कहना है कि उनके दादा और पिता पुराने कारोबारी थे. इसी कारण उन्हें पहले से आशंका थी कि पुरानी हवेली की नींव से कोई मूल्यवान वस्तु निकल सकती है. उन्होंने दावा किया कि केवल चांदी की सिल्लियों और सिक्कों की मौजूदा कीमत ही सवा करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. जबकि सोने के सिक्कों का मूल्य इससे कहीं अधिक हो सकता है.
पुलिस ने 15 जुलाई को दर्ज शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान लिए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल यह मामला जांच के दायरे में है और खजाना मिलने या उसके मूल्य को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.