जयपुर में कॉकरोच जनता पार्टी को नहीं मिली प्रदर्शन की अनुमति, आज हो सकता है ये बड़ा ऐलान
जयपुर में 15 जून को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए अनुमति नहीं दी. पार्टी ने फैसले पर नाराजगी जताई और युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया है.
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में 15 जून को शहीद स्मारक पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शन को प्रशासन से अनुमति नहीं मिलने के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. पार्टी ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है और आरोप लगाया है कि युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है. अब पार्टी ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर अपनी आगे की रणनीति का खुलासा करने का निर्णय लिया है.
कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, बेरोजगारी और युवाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर आयोजित किया जाना था. पार्टी का कहना है कि इन विषयों का सीधा संबंध देश के लाखों छात्रों और युवाओं के भविष्य से है, इसलिए इन मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की योजना बनाई गई थी.
अभिजीत दीपके ने क्या की अपील?
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से शहीद स्मारक पहुंचने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि नीट पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों के सपनों और मेहनत को प्रभावित किया है. इसी मुद्दे को लेकर पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाने वाली थी.
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हालांकि जयपुर पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया. पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) कार्यालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि आवेदन की समीक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती. प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है.
प्रशासन के इस निर्णय के बाद पार्टी ने क्या उठाए सवाल?
प्रशासन के इस निर्णय के बाद पार्टी ने सवाल उठाए हैं. पार्टी नेताओं का कहना है कि उन्होंने सभी आवश्यक नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी. उनका दावा है कि दिल्ली, पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु और हैदराबाद सहित कई शहरों में उनके कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित किए गए हैं और कहीं भी कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई समस्या नहीं हुई.
पार्टी ने क्या लगाया आरोप?
पार्टी ने आरोप लगाया है कि शिक्षा, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है और इस तरह अनुमति न देना चिंताजनक है.
इस बीच, पार्टी की राजस्थान इकाई ने रविवार दोपहर 2 बजे एक अहम प्रेस वार्ता बुलाई है. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका मीडिया को संबोधित करेंगे और आगे की रणनीति की जानकारी देंगे. माना जा रहा है कि पार्टी भविष्य के आंदोलन और अन्य कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा कर सकती है.
फिलहाल प्रशासन और पार्टी के बीच इस मुद्दे को लेकर मतभेद बने हुए हैं. सभी की नजरें अब रविवार की प्रेस वार्ता पर टिकी हैं, जहां पार्टी अपने अगले कदम का खुलासा करेगी.